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Balrampur News: दुबई में फंसे जिले के युवा, परिजनों की बढ़ी चिंता
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दुबई में फंसे सादुल्लाहनगर क्षेत्र के जाफरपुर गांव के युवा ।-स्रोत : परिजन
बलरामपुर। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान में जारी युद्ध जैसी स्थिति का असर अब खाड़ी देशों में भी दिखाई देने लगा है। खासकर दुबई और अबू धाबी में रह रहे भारतीय कामगारों के बीच बेचैनी का माहौल है। जिले के सादुल्लाहनगर क्षेत्र सहित कई गांवों के युवक वहां रोजगार के सिलसिले में गए थे, जो मौजूदा हालात में स्वदेश लौटना चाहते हैं लेकिन उड़ानों की अनिश्चितता और टिकट की कमी के कारण फंसे हुए हैं।
संपर्क करने पर प्रवासी युवाओं ने बताया कि वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। बड़े सार्वजनिक स्थलों, मॉल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि दैनिक जीवन पूरी तरह ठप नहीं हुआ है, लेकिन लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। जाफरपुर गांव निवासी सूरज कुमार के पिता शिव लाल ने बताया कि बेटा लगातार फोन कर रहा है और घर लौटने की बात कह रहा है। वह कहते हैं कि माहौल सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर डर बना हुआ है। फ्लाइट का टिकट नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग दिन-रात चिंतित हैं।
इसी तरह मोहम्मद अहमद, मोहम्मद साहिल, अजहर हसन, मजहर हसन और मोहम्मद अरशद, राकेश कुमार यादव, राजेश कुमार, सुरजीत कुमार, शिवकुमार विश्वकर्मा, सुग्रीव कुमार यादव, विजय कुमार यादव, रामदीन जायसवाल, संदीप कुमार यादव, सत्यम यादव और रामकुमार यादव भी दुबई में हैं। यह लोग जाफरपुर गांव के हैं और एक साथ ही दुबई में फंसे हैं। इन सभी ने अपने परिजनों को बताया है कि कंपनी स्तर पर भी स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे हैं और यात्रा की योजनाएं बार-बार बदल रही हैं।
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गांव के प्रधान सुधाकर सिंह ने बताया कि कई युवाओं ने संदेश भेजकर कहा है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो वहां रहना मुश्किल हो सकता है। वे सभी सुरक्षित घर लौटना चाहते हैं। गांव के प्रभाकर सिंह, पवन यादव, अशोक यादव, मनीष कोटेदार, बब्बन सिंह और मो. शफीक समेत ग्रामीणों ने भारत सरकार से युवाओं को वापस लाए जाने के व्यवस्था की मांग की है। प्रधान ने बताया कि विदेश राज्यमंत्री से मिलकर दुबई में फंसे युवाओं की समस्या की जानकारी दी जाएगी।
तीनों तहसीलों में हेल्पलाइन खुली, दें जानकारी
ईरान में युद्ध से प्रभावित देशों में फंसे युवाओं की जानकारी करने के लिए तीनों तहसीलों में हेल्पलाइन खोली गई है। एसडीएम के कार्यालय में कोई भी व्यक्ति किसी भी देश में फंसे लोगों की पूरी जानकारी उपलब्ध करा सकता है। इसके साथ ही अपने गांव के लेखपाल के माध्यम से भी सूचना भेज सकते हैं। सभी को इसके लिए निर्देश दिया गया है। पूरी जानकारी करने के बाद फंसे लोगों की मदद के लिए आगे प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी
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संपर्क करने पर प्रवासी युवाओं ने बताया कि वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। बड़े सार्वजनिक स्थलों, मॉल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि दैनिक जीवन पूरी तरह ठप नहीं हुआ है, लेकिन लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। जाफरपुर गांव निवासी सूरज कुमार के पिता शिव लाल ने बताया कि बेटा लगातार फोन कर रहा है और घर लौटने की बात कह रहा है। वह कहते हैं कि माहौल सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर डर बना हुआ है। फ्लाइट का टिकट नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग दिन-रात चिंतित हैं।
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इसी तरह मोहम्मद अहमद, मोहम्मद साहिल, अजहर हसन, मजहर हसन और मोहम्मद अरशद, राकेश कुमार यादव, राजेश कुमार, सुरजीत कुमार, शिवकुमार विश्वकर्मा, सुग्रीव कुमार यादव, विजय कुमार यादव, रामदीन जायसवाल, संदीप कुमार यादव, सत्यम यादव और रामकुमार यादव भी दुबई में हैं। यह लोग जाफरपुर गांव के हैं और एक साथ ही दुबई में फंसे हैं। इन सभी ने अपने परिजनों को बताया है कि कंपनी स्तर पर भी स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे हैं और यात्रा की योजनाएं बार-बार बदल रही हैं।
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गांव के प्रधान सुधाकर सिंह ने बताया कि कई युवाओं ने संदेश भेजकर कहा है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो वहां रहना मुश्किल हो सकता है। वे सभी सुरक्षित घर लौटना चाहते हैं। गांव के प्रभाकर सिंह, पवन यादव, अशोक यादव, मनीष कोटेदार, बब्बन सिंह और मो. शफीक समेत ग्रामीणों ने भारत सरकार से युवाओं को वापस लाए जाने के व्यवस्था की मांग की है। प्रधान ने बताया कि विदेश राज्यमंत्री से मिलकर दुबई में फंसे युवाओं की समस्या की जानकारी दी जाएगी।
तीनों तहसीलों में हेल्पलाइन खुली, दें जानकारी
ईरान में युद्ध से प्रभावित देशों में फंसे युवाओं की जानकारी करने के लिए तीनों तहसीलों में हेल्पलाइन खोली गई है। एसडीएम के कार्यालय में कोई भी व्यक्ति किसी भी देश में फंसे लोगों की पूरी जानकारी उपलब्ध करा सकता है। इसके साथ ही अपने गांव के लेखपाल के माध्यम से भी सूचना भेज सकते हैं। सभी को इसके लिए निर्देश दिया गया है। पूरी जानकारी करने के बाद फंसे लोगों की मदद के लिए आगे प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी