उतरौला (बलरामपुर)। उतरौला के मोहल्ला रफी नगर स्थित बाबा हजरत ख्वाजा हसन जैनुल्लाह शाह शफी के 124वें तीन दिवसीय सालाना उर्स ए मुकद्दस का आयोजन हुआ। रविवार रात तकरीर कार्यक्रम की सदारत मौलाना रेहान कादरी व निजामत मौलाना मोईन अख्तर ने की।
कार्यक्रम का आगाज कारी सलाहुद्दीन ने कुरान की तिलावत के साथ किया। मुख्य वक्ता मुरादाबाद के मुफ्ती हम्माद रजा ने वालियों, औलिया ए किराम और बुजुर्गाने दीन के मर्तबे पर रोशनी डाली। कहा कि वली कभी भी खुदा की याद से गाफिल नहीं हुए। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में शरीअत का दामन कभी अपने हाथ से नहीं छोड़ा। बुजुर्गों के दर पर हाजिरी देने से इंसान को जहनी सुकून मिलता है। अल्लाह के यहां औलिया ए किराम का बहुत बड़ा मर्तबा है। बुजुर्गों से पक्की अकीदत और मुहब्बत करनी चाहिए। सिद्धार्थनगर से आए नात ख्वां मोहम्मद अली फैजी, अहमदुल फत्ताह, बहराइच के फैसल रब्बानी, मखदूम मुबारक, रहीम रजा, जीशान रजा व शहाबुद्दीन हशमती नातिया कलाम पेश किया। महफूज गनी, शहजाद, मसूद अनवर, मंजूर कुरैशी, तफ्ज्जुल हसन, तजम्मुल हसन, जावेद आलम, अयूब हाशमी, करीम, अरबाज, साबिर, समीर, आरजू, मैनुद्दीन, रहीमुल हसन, सद्दाम हाशमी आदि मौजूद रहे।