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तुलसीपुर की सात लाख आबादी का जिला मुख्यालय से कटा संपर्क
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बलरामपुर। पहाड़ी नालों के बाढ़ की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। बलरामपुर-तुलसीपुर के नेशनल हाईवे पर तीसरे दिन भी आवागमन बहाल नहीं हो सका है। आवागमन ठप होने से तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के सात लाख लोगों को जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।
बाढ़ घटने के बाद निचले इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी नालों की बाढ़ से सरकारी संपत्तियों का भी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर सड़के क्षतिग्रस्त हो गई है। कई गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप होने से वाहनों की लंबी कतारे लग गई है।
गौरतलब हो कि तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद पहाड़ी नालों में आई उफान से नेशनल हाईव बलरामपुर-तुलसीपुर को भारी नुकसान हुआ है। डिप पर हो रहा पुल निर्माण भी रोक दिया गया है। कई स्थानों पर सड़कें काटकर जलनिकासी कराने के चलते तीन दिनों से नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप है।
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गांगनार, लौकहवा, शिवानगर व बेलहा डिपो पर अभी भी पहाड़ी नालों के पानी का बहाव जारी है। हरिहरगंज, ललिया, मथुरा बाजार, चौधरीडीह, गौरा चौराहा, तुलसीपुर तथा ललिया महराजगंज मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से ठप है।
नेशनल हाईवे से बलरामपुर के साथ-साथ सिद्धार्थनगर व नेपाल आदि का भी संपर्क टूट चुका है। लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इंतजाम न किए जाने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए अभी तक कोई प्रयास शुरु नहीं किए गए हैं।
नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप होने से वाहनों की कतारे लग गई है। लोग आवागमन दुरुस्त होने की राह देख रहे है। शिक्षा क्षेत्र तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय पाटेश्वरीनगर का बाउंड्रीवाल भी पहाड़ी नालों के बाढ़ की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया है।
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बाढ़ घटने के बाद निचले इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी नालों की बाढ़ से सरकारी संपत्तियों का भी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर सड़के क्षतिग्रस्त हो गई है। कई गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप होने से वाहनों की लंबी कतारे लग गई है।
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गौरतलब हो कि तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद पहाड़ी नालों में आई उफान से नेशनल हाईव बलरामपुर-तुलसीपुर को भारी नुकसान हुआ है। डिप पर हो रहा पुल निर्माण भी रोक दिया गया है। कई स्थानों पर सड़कें काटकर जलनिकासी कराने के चलते तीन दिनों से नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप है।
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गांगनार, लौकहवा, शिवानगर व बेलहा डिपो पर अभी भी पहाड़ी नालों के पानी का बहाव जारी है। हरिहरगंज, ललिया, मथुरा बाजार, चौधरीडीह, गौरा चौराहा, तुलसीपुर तथा ललिया महराजगंज मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से ठप है।
नेशनल हाईवे से बलरामपुर के साथ-साथ सिद्धार्थनगर व नेपाल आदि का भी संपर्क टूट चुका है। लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इंतजाम न किए जाने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए अभी तक कोई प्रयास शुरु नहीं किए गए हैं।
नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप होने से वाहनों की कतारे लग गई है। लोग आवागमन दुरुस्त होने की राह देख रहे है। शिक्षा क्षेत्र तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय पाटेश्वरीनगर का बाउंड्रीवाल भी पहाड़ी नालों के बाढ़ की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया है।