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प्रदेश के स्कूलों में लागू होगा खगईजोत स्कूल का टीएलएम
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बलरामपुर। सदर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खगईजोत का टीएलएम रोल मॉडल बन गया है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने छात्रों में गणित व भाषा की रुचि को बढ़ाने के लिए इसे प्रदेश के स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि सदर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खगईजोत में तैनात हेडमास्टर अनीता कुशवाहा ने कई रोचक शिक्षण अधिगम सामग्री तैयार की हैं। इसमें मौखिक भाषा, ध्वनि जागरूकता, डिकोडिंग शब्द भंडार व पठन पाठन के सरल उपाय बताए गए है।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए हेडमास्टर ने कैलेंडर, घड़ी, धारिता, भिन्न, जोड़ व घटाव आदि विषयों में बच्चों को पढ़ाने के लिए किट तैयार की है। मॉडल प्रस्तुति के लिए इस किट को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद लखनऊ भेजा गया था, जिसे बेसिक शिक्षा निदेशालय ने चयनित कर लिया है। 27 से 29 जनवरी के बीच पूरे प्रदेश से ऐसे शिक्षकों को बुलाया गया था, जिसमें हेडमास्टर के ध्वनि जागरूकता व लेखन मॉडल को विशेष स्थान दिया गया है।
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पठन कौशल मॉडल में पढ़ते जाओ, अंक बढ़ाते जाओ, डिकोडिंग मॉडल में पकड़ो मछली बोलो शब्द मॉडल का चयन किया गया है। यह दोनों मॉडल अब प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षण अधिगम सामग्री किट में शामिल किए जाएंगे। हेडमास्टर की इस उपलब्धि पर उप शिक्षा निदेशक / डायट प्राचार्य विनय मोहन वन, बीएसए, डीसी निरंकार पांडेय, मोहित देव त्रिपाठी, एनके सिंह, संजय श्रीवास्तव व आशुतोष मिश्र आदि ने बधाई दी है।
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बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि सदर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खगईजोत में तैनात हेडमास्टर अनीता कुशवाहा ने कई रोचक शिक्षण अधिगम सामग्री तैयार की हैं। इसमें मौखिक भाषा, ध्वनि जागरूकता, डिकोडिंग शब्द भंडार व पठन पाठन के सरल उपाय बताए गए है।
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प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए हेडमास्टर ने कैलेंडर, घड़ी, धारिता, भिन्न, जोड़ व घटाव आदि विषयों में बच्चों को पढ़ाने के लिए किट तैयार की है। मॉडल प्रस्तुति के लिए इस किट को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद लखनऊ भेजा गया था, जिसे बेसिक शिक्षा निदेशालय ने चयनित कर लिया है। 27 से 29 जनवरी के बीच पूरे प्रदेश से ऐसे शिक्षकों को बुलाया गया था, जिसमें हेडमास्टर के ध्वनि जागरूकता व लेखन मॉडल को विशेष स्थान दिया गया है।
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पठन कौशल मॉडल में पढ़ते जाओ, अंक बढ़ाते जाओ, डिकोडिंग मॉडल में पकड़ो मछली बोलो शब्द मॉडल का चयन किया गया है। यह दोनों मॉडल अब प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षण अधिगम सामग्री किट में शामिल किए जाएंगे। हेडमास्टर की इस उपलब्धि पर उप शिक्षा निदेशक / डायट प्राचार्य विनय मोहन वन, बीएसए, डीसी निरंकार पांडेय, मोहित देव त्रिपाठी, एनके सिंह, संजय श्रीवास्तव व आशुतोष मिश्र आदि ने बधाई दी है।