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पूरी तरह से पेपरलेस होगी सातवीं आर्थिक गणना
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बलरामपुर। सातवीं आर्थिक गणना में सटीक आंकड़ा जुटाया जाएगा। ये आर्थिक गणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी। वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी महेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को सदर तहसील सभागार में कॉमन सर्विस सेंटरों के संचालकों की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए ये बात कही। कार्यशाला में सभी सुपरवाइजरों व गणनाकारों को आर्थिक गणना की ट्रेनिंग दी गई।
कार्यशाला में वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी ने कहा कि इस बार केंद्र सरकार की तरफ से आर्थिक गणना कराने की जिम्मेदारी कॉमन सर्विस सेंटरों को सौंपी गई है। आर्थिक गणना पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और जियो टैगिंग भी कराई जाएगी। आर्थिक गणना का कार्य तीन माह में पूरा किया जाएगा। गणनाकारों को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों का मैप उपलब्ध कराकर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक लोकेश प्रताप यादव ने कहा कि देशभर में पहली बार पेपरलेस आर्थिक गणना कराई जाएगी। सितंबर में मोबाइल एप से आर्थिक गणना का कार्य शुरू होगा। ग्राम पंचायत व शहरी क्षेत्र में कॉमन सर्विस सेंटर के सुपरवाइजरों को आर्थिक गणना का पूरा डाटा गोपनीय रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आंकड़े जुटाना है जिससे सरकार को ये पता चल सके कि जमीनी स्तर पर आर्थिक व सामाजिक स्थिति कैसी है। आर्थिक गणना की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में योजनाएं तैयार की जाएंगी। कार्यशाला में सहायक सांख्यिकी अधिकारी राजेश चंद्र पांडेय व अमित सिंह ने ट्रेनिंग दी। कार्यशाला में 40 केंद्र संचालक व गणनाकार मौजूद रहे।
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कार्यशाला में वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी ने कहा कि इस बार केंद्र सरकार की तरफ से आर्थिक गणना कराने की जिम्मेदारी कॉमन सर्विस सेंटरों को सौंपी गई है। आर्थिक गणना पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और जियो टैगिंग भी कराई जाएगी। आर्थिक गणना का कार्य तीन माह में पूरा किया जाएगा। गणनाकारों को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों का मैप उपलब्ध कराकर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक लोकेश प्रताप यादव ने कहा कि देशभर में पहली बार पेपरलेस आर्थिक गणना कराई जाएगी। सितंबर में मोबाइल एप से आर्थिक गणना का कार्य शुरू होगा। ग्राम पंचायत व शहरी क्षेत्र में कॉमन सर्विस सेंटर के सुपरवाइजरों को आर्थिक गणना का पूरा डाटा गोपनीय रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आंकड़े जुटाना है जिससे सरकार को ये पता चल सके कि जमीनी स्तर पर आर्थिक व सामाजिक स्थिति कैसी है। आर्थिक गणना की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में योजनाएं तैयार की जाएंगी। कार्यशाला में सहायक सांख्यिकी अधिकारी राजेश चंद्र पांडेय व अमित सिंह ने ट्रेनिंग दी। कार्यशाला में 40 केंद्र संचालक व गणनाकार मौजूद रहे।