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Balrampur News: शिक्षिका की मेहनत से बदली कंपोजिट स्कूल बंजरिया हुसैन की तस्वीर
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बलरामपुर के कंपोजिट विद्यालय बंजरिया हुसैन में बच्चों को पढ़ाई शिक्षिका।-संवाद
रेहरा बाजार (बलरामपुर)। शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बंजरिया हुसैन की प्रधानाचार्या प्रतिमा यादव ने समर्पण और मेहनत की मिसाल पेश करते हुए विद्यालय को एक नई पहचान दिलाई है। वर्ष 2015 में जब प्रतिमा यादव की तैनाती यहां हुई, तब विद्यालय में महज 18 बच्चे नामांकित थे। आज उनके अथक प्रयासों से प्राथमिक स्तर पर 67 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 80 बच्चों का नामांकन हो चुका है।
प्रधानाचार्या न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देती हैं, बल्कि कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाकर कॉपी-किताब और आवश्यक सामग्री भी स्वयं उपलब्ध कराती हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। विद्यालय के दो विद्यार्थी श्रेष्ठा परीक्षा पास कर सरकारी खर्चे पर नैनीताल में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं सात बच्चों का चयन अटल आवासीय विद्यालय में और 8 बच्चों का दाखिला आश्रम पद्धति विद्यालय में हुआ है।
शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और नवाचार में भी यहां के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विज्ञान, खेल और आविष्कार से जुड़े आयोजनों में विद्यालय के पांच छात्र-छात्राएं अब तक मेडल प्राप्त कर चुके हैं। विद्यालय की इस प्रगति में प्रधानाचार्या के साथ शिक्षक देव सागर और रंजना जायसवाल का भी सराहनीय योगदान रहा है। टीम भावना और सकारात्मक सोच के साथ स्कूल स्टाफ बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने में जुटा है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय आज प्रेरणा स्रोत बन चुका है, जहां शिक्षा के साथ संस्कार भी बच्चों को सिखाए जा रहे हैं।
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प्रधानाचार्या न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देती हैं, बल्कि कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाकर कॉपी-किताब और आवश्यक सामग्री भी स्वयं उपलब्ध कराती हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। विद्यालय के दो विद्यार्थी श्रेष्ठा परीक्षा पास कर सरकारी खर्चे पर नैनीताल में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं सात बच्चों का चयन अटल आवासीय विद्यालय में और 8 बच्चों का दाखिला आश्रम पद्धति विद्यालय में हुआ है।
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शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और नवाचार में भी यहां के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विज्ञान, खेल और आविष्कार से जुड़े आयोजनों में विद्यालय के पांच छात्र-छात्राएं अब तक मेडल प्राप्त कर चुके हैं। विद्यालय की इस प्रगति में प्रधानाचार्या के साथ शिक्षक देव सागर और रंजना जायसवाल का भी सराहनीय योगदान रहा है। टीम भावना और सकारात्मक सोच के साथ स्कूल स्टाफ बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने में जुटा है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय आज प्रेरणा स्रोत बन चुका है, जहां शिक्षा के साथ संस्कार भी बच्चों को सिखाए जा रहे हैं।
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