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माफिया जंगल कर रहे वीरान, जिम्मेदार अंजान
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बलरामपुर। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग में हरे पेड़ों की अवैध कटान धड़ल्ले से की जा रहा है। माफिया पेड़ों की कटान कर जंगल को वीरान करने में जुटे हैं। यह सब जानकर भी जिम्मेदार अंजान बने हैं।
जब ग्रामीण इसकी शिकायत करते हैं तो कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जिम्मेदार अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। वन्य जीव प्रेमियों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर पेड़ों की अवैध कटान पर अंकुश लगाने की मांग की है।
सोहेलवा जंगल, ग्रामीण इलाकों एवं सरकारी जमीनों पर लगे पेड़ों को माफिया धड़ल्ले से काट रहे हैं। शीशम, सागौन व साखू जैसी बेशकीमती पेड़ों की कटान कर उन्हें तय स्थानों पर भेजा जा रहा है।
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ज्यादातर पेड़ों की कटान रात के समय की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई तो कुछ लोगों पर कार्रवाई कर मामला समाप्त कर दिया गया। ग्रामीणों ने डीएम से जंगल में हो रही अवैध कटान पर अंकुश लगाने और संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।
सोहेलवा तथा ग्रामीण क्षेत्रों से एसएसबी 9वीं, 50वीं वाहिनी के जवानों, पुलिस और वन विभाग ने एक साल के अंदर 80 लाख रुपये की अवैध जंगली लकड़ी पकड़ी है। कार्रवाई के बावजूद माफिया हरे पेड़ों की कटान से बाज नहीं आ रहे हैं। बेशकीमती जंगली लकड़ियों की अवैध कटान करके माफिया मालामाल हो रहे हैं।
रेहरा बाजार, तुलसीपुर, पचपेड़वा व हरैया सतघरवा आदि स्थानों पर प्रतिदिन सुबह लकड़हारे जंगलों से बेशकीमती लकड़ियां काटकर ले जाते देखे जा सकते हैं। जलौनी के नाम पर मोटे-मोटे बोटे साइकिल पर लादकर ग्रामीण बाजारों में बेधड़क बेंच रहे हैं। वनकर्मियों की मिलीभगत से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
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जब ग्रामीण इसकी शिकायत करते हैं तो कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जिम्मेदार अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। वन्य जीव प्रेमियों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर पेड़ों की अवैध कटान पर अंकुश लगाने की मांग की है।
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सोहेलवा जंगल, ग्रामीण इलाकों एवं सरकारी जमीनों पर लगे पेड़ों को माफिया धड़ल्ले से काट रहे हैं। शीशम, सागौन व साखू जैसी बेशकीमती पेड़ों की कटान कर उन्हें तय स्थानों पर भेजा जा रहा है।
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ज्यादातर पेड़ों की कटान रात के समय की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई तो कुछ लोगों पर कार्रवाई कर मामला समाप्त कर दिया गया। ग्रामीणों ने डीएम से जंगल में हो रही अवैध कटान पर अंकुश लगाने और संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।
सोहेलवा तथा ग्रामीण क्षेत्रों से एसएसबी 9वीं, 50वीं वाहिनी के जवानों, पुलिस और वन विभाग ने एक साल के अंदर 80 लाख रुपये की अवैध जंगली लकड़ी पकड़ी है। कार्रवाई के बावजूद माफिया हरे पेड़ों की कटान से बाज नहीं आ रहे हैं। बेशकीमती जंगली लकड़ियों की अवैध कटान करके माफिया मालामाल हो रहे हैं।
रेहरा बाजार, तुलसीपुर, पचपेड़वा व हरैया सतघरवा आदि स्थानों पर प्रतिदिन सुबह लकड़हारे जंगलों से बेशकीमती लकड़ियां काटकर ले जाते देखे जा सकते हैं। जलौनी के नाम पर मोटे-मोटे बोटे साइकिल पर लादकर ग्रामीण बाजारों में बेधड़क बेंच रहे हैं। वनकर्मियों की मिलीभगत से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।