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नगर के जलस्रोतों पर मंडराया अस्तित्व का संकट

Sun, 16 Feb 2020 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 10:48 PM IST
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The existential crisis hovers over the city's water resources
बलरामपुर के टेढ़ी बाजार स्थित बदहाल पजौवा ताल। - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। ब्रिटिश अफसर द्वारा बसाए गए बलरामपुर शहर में स्थित प्राकृतिक जलस्रोतों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए नगर में बनाए गए तालाबों व जलाशयों को तेजी से पाटकर कब्जा किया जा रहा है। हालात यही रहे तो भविष्य में नगर का भूजल स्तर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में नगरवासियों के समक्ष जल संकट भी खड़ा हो सकता है। जल स्रोतों पर हो रहे अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन मौन है। नगरवासियों ने प्राचीन प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और उनके संवर्द्धन की मांग डीएम से की है।
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दृश्य एक- मोहल्ला चिकनी स्थित तालाब
नगर के मोहल्ला चिकनी में रेलवे लाइन के किनारे यह तालाब आज पटकर घास का मैदान हो गया है। कभी इस तालाब में वर्षभर पानी भरा रहता था। जानवर व पशु पक्षी यहां अपनी प्यास बुझाते थे। अब यह तालाब घास का हरा मैदान बन गया है। कई लोग इस तालाब को कूड़ा करकट फेंकते हैैं। इस तालाब की वजह से आस पास के घरों का भूजलस्तर भी ठीक रहता था जो कि अब कम होने लगा है।
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दृश्य दो-मोहल्ला टेढ़ी बाजार स्थित पजौवा ताल
नगर के बीचोबीच टेढ़ी बाजार मोहल्ले में स्थित पजौवा ताल भी आज अतिक्रमण व गंदगी से कराह रहा है।करीब पांच दशक पूर्व नगर के लोग इस तालाब में मत्स्य पालन करने के साथ-साथ तैराकी आदि भी सीखते थे। आज स्थिति यह है कि आस पास के घरों में गंदे पानी व कूड़े के कारण तालाब से दुर्गंध उठ रही है। तालाब को पाटकर कई लोगों ने अपना घर भी बना लिया है।
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अधिकांश तालाबों पर हो रहा है कब्जा
नगरवासी रोहित पांडेय, कमल नयन मौर्या, राघवेंद्र कुमार श्रीवास्तव व तेज बहादुर शुक्ल आदि ने बताया कि नगर के अधिकांश तालाबों के साथ-साथ प्राचीन सुभाषिनी नदी वर्तमान सुआंव नाले पर भी अतिक्रमण हो रहा है। लोग तालाब व नाले की जमीन पाटकर प्लॉटिंग कर रहे हैं। पूरी रात नगर के बाहर से मिट्टी लाकर तालाबों व जलस्रोतों को पाटा जा रहा है। इनके पटने से नगर में हर वर्ष जल निकासी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। हल्की सी बारिश में शहर व मोहल्ले की सड़कें तालाब बन जाती हैं। इन लोगों ने डीएम तथा नगर पालिका प्रशासन से नगर क्षेत्र के प्राचीन तालाबों के संरक्षण व संवर्द्धन की मांग की है।

कराएंगे जांच
नगर के प्राचीन सार्वजनिक तालाब, जलाशयों व सुआंव नाले पर अवैध पटान व कब्जे का मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही सदर तहसील व नगर पालिका के अफसरों से इसकी जांच कराकर तालाबों, जलाशयों व अन्य जलस्रोतों का संरक्षण व संवर्र्द्धन कराया जाएगा। - कृष्णा करुणेश, डीएम, बलरामपुर
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