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...आस्था पर भारी न पड़ जाए महामारी
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बलरामपुर के तुलसीपुर में सिद्घ पीर रतननाथ की शोभायात्रा में सोशल डिस्टेसिंग का धज्जियां उड़ाते
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। सिद्घ पीर रतननाथ की शोभायात्रा में शनिवार को कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। कहीं ऐसी आस्था पर कोरोना महामारी का प्रकोप लोगों पर भारी न पड़ जाए। एक सप्ताह में जिले में चार लोगों ने कोरोना से अपनी जान गंवाई है।
जिले में कारोना महामारी के 500 से अधिक एक्टिव केस हैं। यदि समय रहते नहीं जागे तो कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप पर काबू पाने में भारी कठिनाई झेलनी पड़ेगी। प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भी कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ने की जिम्मेदारी है।
चैत्र नवरात्र के पंचमी को हर साल नेपाल से सिद्घ पीर रतननाथ की शोभायात्रा शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में गाजे-बाजे के साथ आती है। इस साल कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला व मंदिर प्रशासन की तरफ से बैठक करके प्रोटोकाल का पालन कराने की संयुक्त रणनीति बनाई गई थी।
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लेकिन रणनीति पर उस समय पानी फिर गया जब चैत्र नवरात्र की पंचमी को नेपाल से सिद्ध पीर रतननाथ की शोभायात्रा शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पहुंची। आस्था के सैलाब में डूब श्रद्धालुओं को कोरोना प्रोटोकाल का ख्याल नहीं रहा। शोभायात्रा में श्रद्धालु गले में मास्क लटका कर झूमते हुए दिख रहे थे।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए मुंह व नाक पर मास्क लगा होना चाहिए। भीड़ को काबू करने और कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स भी मूकदर्शक रही।
जिले में बीते सात दिनों के अंदर कोरोना महामारी की चपेट में आने से चिकित्सक समेत चार लोगों की जान जा चुकी है। जिले में वर्तमान समय में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है फिर लोग बेपरवाह दिख रहे हैं। यदि कोरोना महामारी को हराना है तो सभी लोगों को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी।
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जिले में कारोना महामारी के 500 से अधिक एक्टिव केस हैं। यदि समय रहते नहीं जागे तो कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप पर काबू पाने में भारी कठिनाई झेलनी पड़ेगी। प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भी कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ने की जिम्मेदारी है।
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चैत्र नवरात्र के पंचमी को हर साल नेपाल से सिद्घ पीर रतननाथ की शोभायात्रा शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में गाजे-बाजे के साथ आती है। इस साल कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला व मंदिर प्रशासन की तरफ से बैठक करके प्रोटोकाल का पालन कराने की संयुक्त रणनीति बनाई गई थी।
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लेकिन रणनीति पर उस समय पानी फिर गया जब चैत्र नवरात्र की पंचमी को नेपाल से सिद्ध पीर रतननाथ की शोभायात्रा शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में पहुंची। आस्था के सैलाब में डूब श्रद्धालुओं को कोरोना प्रोटोकाल का ख्याल नहीं रहा। शोभायात्रा में श्रद्धालु गले में मास्क लटका कर झूमते हुए दिख रहे थे।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए मुंह व नाक पर मास्क लगा होना चाहिए। भीड़ को काबू करने और कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स भी मूकदर्शक रही।
जिले में बीते सात दिनों के अंदर कोरोना महामारी की चपेट में आने से चिकित्सक समेत चार लोगों की जान जा चुकी है। जिले में वर्तमान समय में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है फिर लोग बेपरवाह दिख रहे हैं। यदि कोरोना महामारी को हराना है तो सभी लोगों को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी।