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किसानों के 231 करोड़ दबाए चीनी मिलें
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बलरामपुर। जिले की तीनों चीनी मिलें किसानों का 231 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य दबाए बैठी हैं। इससे तीनों चीनी मिलों से जुड़े 1.86 लाख किसान परेशान हैं। इटईमैदा चीनी मिल उतरौला ने चालू पराई सत्र में फूटी कौड़ी का भी भुगतान नहीं किया है। वहीं गत पेराई सत्र का भी मिल करीब छह करोड़ रुपये भुगतान नहीं कर सकी है। होली को देखते हुए किसानों ने जिला प्रशासन से बकाया मूल्य का भुगतान कराने की मांग की है।
बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला पर किसानों का सबसे अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। पेराई सत्र 2019-20 का बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला 41 हजार गन्ना किसानों का छह करोड़ अभी तक भुगतान नहीं कर सकी है। चालू पेराई सत्र 2020-21 में बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने किसानों को गन्ना बेचने के एवज में अभी तक एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया है।
पेराई सत्र शुरु करने से लेकर अब तक मिल प्रबंधन की तरफ से एक अरब 40 करोड़ 35 लाख रुपये मूल्य का गन्ना क्षेत्र के किसानों से खरीदा है लेकिन अभी तक फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं किया है। चीनी मिल बलरामपुर व शुगर कंपनी तुलसीपुर की भुगतान प्रक्रिया नियमित होने के बावजूद गन्ना किसानों का 91 करोड़ 83 लाख रुपये बकाया है।
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बलरामपुर चीनी मिल को चालू पेराई सत्र में अपने क्षेत्र के 90 हजार किसानों का 67 करोड़ 57 लाख रुपये का भुगतान करना है। शुगर कंपनी तुलसीपुर को चालू पेराई सत्र का अपने क्षेत्र के 55 हजार किसानों को 24 करोड़ 26 लाख रुपये का भुगतान करना है।
गन्ना किसान रामतेज, कृष्ण मोहन, राम गोपाल, संत शरण, मनीष कुमार, रामबरन, अच्चुतानंद व ध्रुवनरायन आदि ने डीएम को पत्र भेजकर होली से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग की है। त्योहार से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
भुगतान कराने को दिया निर्देश
जिले की तीनों चीनी मिल के प्रबंधनों को किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का समय से भुगतान करने का दिशा निर्देश दिया जा रहा है। बलरामपुर चीनी मिल व शुगर कंपनी तुलसीपुर की तरफ से नियमित भुगतान किया जा रहा है। बजाज चीनी मिल इटईमैदा, उतरौला को भी किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का समय से भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। निर्देश का अनुपालन न होने पर संबंधित चीनी मिल के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
आरएस कुश्वाहा, जिला गन्ना अधिकारी
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बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला पर किसानों का सबसे अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। पेराई सत्र 2019-20 का बजाज चीनी मिल इटईमैदा उतरौला 41 हजार गन्ना किसानों का छह करोड़ अभी तक भुगतान नहीं कर सकी है। चालू पेराई सत्र 2020-21 में बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने किसानों को गन्ना बेचने के एवज में अभी तक एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया है।
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पेराई सत्र शुरु करने से लेकर अब तक मिल प्रबंधन की तरफ से एक अरब 40 करोड़ 35 लाख रुपये मूल्य का गन्ना क्षेत्र के किसानों से खरीदा है लेकिन अभी तक फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं किया है। चीनी मिल बलरामपुर व शुगर कंपनी तुलसीपुर की भुगतान प्रक्रिया नियमित होने के बावजूद गन्ना किसानों का 91 करोड़ 83 लाख रुपये बकाया है।
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बलरामपुर चीनी मिल को चालू पेराई सत्र में अपने क्षेत्र के 90 हजार किसानों का 67 करोड़ 57 लाख रुपये का भुगतान करना है। शुगर कंपनी तुलसीपुर को चालू पेराई सत्र का अपने क्षेत्र के 55 हजार किसानों को 24 करोड़ 26 लाख रुपये का भुगतान करना है।
गन्ना किसान रामतेज, कृष्ण मोहन, राम गोपाल, संत शरण, मनीष कुमार, रामबरन, अच्चुतानंद व ध्रुवनरायन आदि ने डीएम को पत्र भेजकर होली से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग की है। त्योहार से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
भुगतान कराने को दिया निर्देश
जिले की तीनों चीनी मिल के प्रबंधनों को किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का समय से भुगतान करने का दिशा निर्देश दिया जा रहा है। बलरामपुर चीनी मिल व शुगर कंपनी तुलसीपुर की तरफ से नियमित भुगतान किया जा रहा है। बजाज चीनी मिल इटईमैदा, उतरौला को भी किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का समय से भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। निर्देश का अनुपालन न होने पर संबंधित चीनी मिल के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
आरएस कुश्वाहा, जिला गन्ना अधिकारी