{"_id":"63332c2459fb6461f0082008","slug":"start-delivery-facility-at-all-phcs-balrampur-news-lko6503759148","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी पीएचसी पर शुरू कराएं प्रसव की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी पीएचसी पर शुरू कराएं प्रसव की सुविधा
विज्ञापन
बलरामपुर। गर्भवती की सुविधा के लिए जिले के सभी 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव केंद्र होना चाहिए। सभी पीएचसी पर शीघ्र प्रसव केंद्र शुरू कराएं। जिससे गर्भवती को सरकारी अस्पताल में मुफ्त प्रसव की सुविधा मिल सके। ये बातें डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कहीं।
डीएम ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर व हरैया सतघरवा क्षेत्र में अशिक्षा के कारण लोग परिवार नियोजन के संसाधनों का प्रयोग कम कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को सीमित परिवार व बच्चों में अंतर रखने के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए विभाग विशेष कार्ययोजना तैयार करें।
डीएम ने जनपद के आठ अस्पतालों में संचालित न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) की मॉनीटरिंग कर वहां आवश्यक संसाधन व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। साथ ही पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए 21 अक्तूबर को खुशहाल परिवार दिवस पर पूरे जनपद में एकसाथ कम से कम 30 पुरुषों की नसबंदी कराने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
डीएम ने प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रखने का आदेश देते हुए गोल्डन कार्ड बनने की धीमी प्रगति पर नाराजगी भी जताई। बैठक में सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एसीएमओ डॉ. जयप्रकाश, डॉ. एके सिंघल व जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी समेत कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर व हरैया सतघरवा क्षेत्र में अशिक्षा के कारण लोग परिवार नियोजन के संसाधनों का प्रयोग कम कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को सीमित परिवार व बच्चों में अंतर रखने के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए विभाग विशेष कार्ययोजना तैयार करें।
विज्ञापन
डीएम ने जनपद के आठ अस्पतालों में संचालित न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) की मॉनीटरिंग कर वहां आवश्यक संसाधन व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। साथ ही पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए 21 अक्तूबर को खुशहाल परिवार दिवस पर पूरे जनपद में एकसाथ कम से कम 30 पुरुषों की नसबंदी कराने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
डीएम ने प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रखने का आदेश देते हुए गोल्डन कार्ड बनने की धीमी प्रगति पर नाराजगी भी जताई। बैठक में सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एसीएमओ डॉ. जयप्रकाश, डॉ. एके सिंघल व जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी समेत कई लोग मौजूद रहे।