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Balrampur News: यूरिया की किल्लत, आक्रोशित किसानों ने किया चक्का जाम
Tue, 19 Aug 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 19 Aug 2025 11:58 PM IST
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बलरामपुर के बहराइच मार्ग पर जाम कर आक्रोश जताते किसान ।
बलरामपुर। तराई क्षेत्र में धान की फसल टॉप ड्रेसिंग के दौर में पहुंच चुकी है। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत से किसान बेहाल हैं। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है। मंगलवार को किसानों का सब्र का बांध टूटा और प्रदर्शन कर बहराइच व कौवापुर–महाराजगंज मार्ग को जाम कर दिया।
शहर की सेखुई कला साधन सहकारी समिति पर मंगलवार सुबह किसान पहुंचे तो ताला लटकता मिला। कुछ देर तक किसानों ने इंतजार किया, लेकिन सचिव नहीं पहुंचे। आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर बहराइच मार्ग को जाम कर दिया। एसडीएम के साथ विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, किसानों को साथ लेकर समिति पर आए, वहां ताला लगा मिला। एसडीएम हेमंत कुमार गुप्त ने सचिव को मौके पर बुलाया, इसके बाद खाद का वितरण शुरू हुआ। किसानों की संख्या अधिक होने पर 500 बोरी अतिरिक्त यूरिया भी समिति को उपलब्ध कराई गई।
वहीं, महाराजगंज तराई की कौवापुर सहकारी समिति पर यूरिया न मिलने से आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर कौवापुर–महाराजगंज मार्ग को जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक जाम से आवागमन ठप रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति पर यूरिया मौजूद होने के बावजूद सचिव मनमानी कर रहे हैं। सुबह पांच बजे से किसान लाइन में लगे थे, लेकिन दोपहर तक वितरण शुरू न होने से आक्रोश भड़क गया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने समझा-बुझाकर प्रदर्शन खत्म कराया।
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रेहरा बाजार ब्लॉक की मुबारकपुर समिति पर गोदाम बंद होने से किसानों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि मांग के अनुसार खाद नहीं मिल रही है। किसान रामसमुझ, किशोरी, श्रीराम व चेतराम ने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों की समस्या पर गंभीर नहीं हैं।
गैड़ास बुजुर्ग में महिलाओं का आक्रोश
गैड़ास बुजुर्ग की साधन सहकारी समिति इटईरामपुर पर यूरिया की कमी की वजह महिलाएं आक्रोशित हो उठीं। बिट्टा, उर्मिला, बुधना, सरिता, लीलावती समेत कई महिलाओं ने बताया कि वे एक हफ्ते से समिति का चक्कर काट रही हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही। प्रभारी ने कहा कि केवल टोकनधारी किसानों को ही खाद मिलेगी। किसानों का आरोप है कि गन्ना व धान की फसल का विकास रुक गया है।
हरैया सतघरवा क्षेत्र के महमूदनगर, मणिपुर, चौधरीडीह और बरदौलिया बाजार की समितियों में भी किसान सुबह से लाइन में लगे, लेकिन शाम तक खाली हाथ लौट गए। किसान छोटेलाल, कौसर हसन, जायलाल व साहिब अली ने बताया कि धान की फसल खाद के बिना बर्बाद हो रही है। एडीओ सहकारिता जनार्दन यादव का कहना है कि खाद उपलब्ध है, लेकिन भीड़ के कारण पुलिस की मौजूदगी में ही वितरण कराया जा रहा है।
पीओएस मशीन खराब होने से आई दिक्कत
पिपरा बाजार स्थित बीरपुर कला समिति पर मंगलवार को किसान खाद लेने पहुंचे, लेकिन पीओएस मशीन खराब होने से वितरण ठप हो गया। सचिव राजेश कुमार ने बताया कि मशीन दुरुस्त कराने के लिए बलरामपुर भेजी गई है। समिति पर 791 बोरी यूरिया उपलब्ध है, मशीन सही होते ही वितरण शुरू होगा। उतरौला तहसील में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने समितियों पर कानूनगो, लेखपाल व पुलिस बल तैनात कर दिया है।
सादुल्लाहनगर क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहां यूरिया की किल्लत की वजह से किसान कालाबाजारी के शिकार हो रहे हैं। समिति पर यूरिया न मिलने से उन्हें 266.50 रुपये की जगह महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है। किसान कनिकराम, आशीष, राधे व नंदकिशोर ने कहा कि धान और गन्ने की फसल चौपट हो रही है, लेकिन अधिकारी मौन हैं।
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शहर की सेखुई कला साधन सहकारी समिति पर मंगलवार सुबह किसान पहुंचे तो ताला लटकता मिला। कुछ देर तक किसानों ने इंतजार किया, लेकिन सचिव नहीं पहुंचे। आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर बहराइच मार्ग को जाम कर दिया। एसडीएम के साथ विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, किसानों को साथ लेकर समिति पर आए, वहां ताला लगा मिला। एसडीएम हेमंत कुमार गुप्त ने सचिव को मौके पर बुलाया, इसके बाद खाद का वितरण शुरू हुआ। किसानों की संख्या अधिक होने पर 500 बोरी अतिरिक्त यूरिया भी समिति को उपलब्ध कराई गई।
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वहीं, महाराजगंज तराई की कौवापुर सहकारी समिति पर यूरिया न मिलने से आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर कौवापुर–महाराजगंज मार्ग को जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक जाम से आवागमन ठप रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति पर यूरिया मौजूद होने के बावजूद सचिव मनमानी कर रहे हैं। सुबह पांच बजे से किसान लाइन में लगे थे, लेकिन दोपहर तक वितरण शुरू न होने से आक्रोश भड़क गया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने समझा-बुझाकर प्रदर्शन खत्म कराया।
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रेहरा बाजार ब्लॉक की मुबारकपुर समिति पर गोदाम बंद होने से किसानों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि मांग के अनुसार खाद नहीं मिल रही है। किसान रामसमुझ, किशोरी, श्रीराम व चेतराम ने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों की समस्या पर गंभीर नहीं हैं।
गैड़ास बुजुर्ग में महिलाओं का आक्रोश
गैड़ास बुजुर्ग की साधन सहकारी समिति इटईरामपुर पर यूरिया की कमी की वजह महिलाएं आक्रोशित हो उठीं। बिट्टा, उर्मिला, बुधना, सरिता, लीलावती समेत कई महिलाओं ने बताया कि वे एक हफ्ते से समिति का चक्कर काट रही हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही। प्रभारी ने कहा कि केवल टोकनधारी किसानों को ही खाद मिलेगी। किसानों का आरोप है कि गन्ना व धान की फसल का विकास रुक गया है।
हरैया सतघरवा क्षेत्र के महमूदनगर, मणिपुर, चौधरीडीह और बरदौलिया बाजार की समितियों में भी किसान सुबह से लाइन में लगे, लेकिन शाम तक खाली हाथ लौट गए। किसान छोटेलाल, कौसर हसन, जायलाल व साहिब अली ने बताया कि धान की फसल खाद के बिना बर्बाद हो रही है। एडीओ सहकारिता जनार्दन यादव का कहना है कि खाद उपलब्ध है, लेकिन भीड़ के कारण पुलिस की मौजूदगी में ही वितरण कराया जा रहा है।
पीओएस मशीन खराब होने से आई दिक्कत
पिपरा बाजार स्थित बीरपुर कला समिति पर मंगलवार को किसान खाद लेने पहुंचे, लेकिन पीओएस मशीन खराब होने से वितरण ठप हो गया। सचिव राजेश कुमार ने बताया कि मशीन दुरुस्त कराने के लिए बलरामपुर भेजी गई है। समिति पर 791 बोरी यूरिया उपलब्ध है, मशीन सही होते ही वितरण शुरू होगा। उतरौला तहसील में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने समितियों पर कानूनगो, लेखपाल व पुलिस बल तैनात कर दिया है।
सादुल्लाहनगर क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहां यूरिया की किल्लत की वजह से किसान कालाबाजारी के शिकार हो रहे हैं। समिति पर यूरिया न मिलने से उन्हें 266.50 रुपये की जगह महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है। किसान कनिकराम, आशीष, राधे व नंदकिशोर ने कहा कि धान और गन्ने की फसल चौपट हो रही है, लेकिन अधिकारी मौन हैं।