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Balrampur News: लाल निशान छूने को बेताब राप्ती
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बलरामपुर के लौकहवा डिप पर बह रहे बाढ़ के पानी से होकर आवागमन करते लोग।-संवाद
बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राप्ती नदी लाल निशान छूने के करीब है। लौकहवा व झिन्ने नाला डिप पर हेंगहा पहाड़ी नाले का पानी बह रहा है, जिससे बड़े वाहनों का आवागमन ठप है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि रविवार को बारिश न होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
रविवार की शाम चार बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.360 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे है। जिस तेजी के साथ राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ आने की संभावना बढ़ गई है। वहीं शुक्रवार व शनिवार को हुई बारिश से पहाड़ी नालों में भी उफान आ गया है। हेंगहा पहाड़ी नाला का पानी निचले हिस्सों में भर रहा है। हेंगहा पहाड़ी नाला में उफान आने से हरिहरगंज-ललिया-बनकटवा मार्ग पर लौकहवा डिप के पास एक फुट ऊपर तक पानी बह रहा है। इससे बड़े वाहनों का आवागमन बंद है, वहीं दो पहिया व चार पहिया छोटे वाहन जान जोखिम में डालकर डिप पार कर रहे हैं। इसी सड़क पर कोड़री गांव के पास झिन्ने नाला डिप पर भी दो फुट पानी बह रहा है। एसडीएम सदर संजीव कुमार यादव ने बताया कि भारी बारिश के चलते हेंगहा पहाड़ी नाला के बाढ़ का पानी डिप पर आ गया था। अब पहाड़ी नाले का पानी कम हो रहा है।
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क
बलरामपुर। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। डीएम पवन अग्रवाल ने सभी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार का कहना है कि दो दिनों की भारी बारिश व नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। श्रावस्ती जिले में राप्ती बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा है। बलरामपुर में भी देर शाम तक जलस्तर घटने की संभावना है। जिले में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। राजस्व, पुलिस, मेडिकल व बाढ़ खंड की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है। बाढ़ से राहत व बचाव के लिए जिले में एक फ्लड पीएसी के 15 जवान व तीन हवलदार को दो मोटरबोट के साथ तैनात किया गया है। पर्याप्त मात्रा में नाव भी उपलब्ध हैं।
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इन नबरों पर करें संपर्क
इमरजेंसी सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की 32 मेडिकल टीमें गठित हैं। 32 बाढ़ चौकियां एवं 19 शरणालय भी संचालित हैं। जिला स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम भी 24 घंटे सक्रिय हैं। मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 9170277346, 89600010336 व 05263-246250 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला मुख्यालय के साथ ही तीनों तहसीलों में कंट्रोल रूम संचालित हैं।
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कोहरगड्डी जलाशय के बांध में दरार, कटान रोकने में जुटे कर्मी
बलरामपुर। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश व पहाड़ी नालों में बाढ़ के चलते कोहरगड्डी जलाशय के बांध में दरार आ गई है। बांध में दरार आने से निकटवर्ती गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड व सिंचाई विभाग के कर्मचारी कटान रोकने में जुट गए हैं।
पचपेड़वा थाना क्षेत्र की नेपाल सीमा पर स्थित कोहरगड्डी ग्राम पंचायत के बगल बने जलाशय में पहाड़ी नालों के साथ बारिश का पानी एकत्र होता है। लगातार बारिश होने तथा पहाड़ी नालों में बाढ़ आने से जलाशय में पानी भर गया है। पानी के दबाव के चलते रविवार की सुबह जलाशय के बांध में रिसाव होने लगा। रिसाव की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बंधे पर जुटने लगे। ग्राम प्रधान नीलम थारू, जानकी प्रसाद पाल, गुन्नू मास्टर, किशन चौधरी व सलीम खान आदि ने बांध में रिसाव की सूचना विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी को भेजी। सूचना मिलते ही बाढ़ खंड व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तत्काल कर्मचारियों को कटान रोकने के कार्य में लगाया गया। कर्मचारी देर शाम तक मरम्मत कार्य में जुटे रहे।
बाढ़ खंड के एसडीओ गोपाल राम ने बताया कि बंधे में कटान रोकने के लिए बोरी में मिट्टी डालकर रखवाया जा रहा है। काफी हद तक कटान रोक ली गई है।
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रविवार की शाम चार बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.360 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे है। जिस तेजी के साथ राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ आने की संभावना बढ़ गई है। वहीं शुक्रवार व शनिवार को हुई बारिश से पहाड़ी नालों में भी उफान आ गया है। हेंगहा पहाड़ी नाला का पानी निचले हिस्सों में भर रहा है। हेंगहा पहाड़ी नाला में उफान आने से हरिहरगंज-ललिया-बनकटवा मार्ग पर लौकहवा डिप के पास एक फुट ऊपर तक पानी बह रहा है। इससे बड़े वाहनों का आवागमन बंद है, वहीं दो पहिया व चार पहिया छोटे वाहन जान जोखिम में डालकर डिप पार कर रहे हैं। इसी सड़क पर कोड़री गांव के पास झिन्ने नाला डिप पर भी दो फुट पानी बह रहा है। एसडीएम सदर संजीव कुमार यादव ने बताया कि भारी बारिश के चलते हेंगहा पहाड़ी नाला के बाढ़ का पानी डिप पर आ गया था। अब पहाड़ी नाले का पानी कम हो रहा है।
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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क
बलरामपुर। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। डीएम पवन अग्रवाल ने सभी को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार का कहना है कि दो दिनों की भारी बारिश व नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। श्रावस्ती जिले में राप्ती बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा है। बलरामपुर में भी देर शाम तक जलस्तर घटने की संभावना है। जिले में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। राजस्व, पुलिस, मेडिकल व बाढ़ खंड की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है। बाढ़ से राहत व बचाव के लिए जिले में एक फ्लड पीएसी के 15 जवान व तीन हवलदार को दो मोटरबोट के साथ तैनात किया गया है। पर्याप्त मात्रा में नाव भी उपलब्ध हैं।
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इमरजेंसी सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की 32 मेडिकल टीमें गठित हैं। 32 बाढ़ चौकियां एवं 19 शरणालय भी संचालित हैं। जिला स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम भी 24 घंटे सक्रिय हैं। मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 9170277346, 89600010336 व 05263-246250 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला मुख्यालय के साथ ही तीनों तहसीलों में कंट्रोल रूम संचालित हैं।
कोहरगड्डी जलाशय के बांध में दरार, कटान रोकने में जुटे कर्मी
बलरामपुर। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश व पहाड़ी नालों में बाढ़ के चलते कोहरगड्डी जलाशय के बांध में दरार आ गई है। बांध में दरार आने से निकटवर्ती गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड व सिंचाई विभाग के कर्मचारी कटान रोकने में जुट गए हैं।
पचपेड़वा थाना क्षेत्र की नेपाल सीमा पर स्थित कोहरगड्डी ग्राम पंचायत के बगल बने जलाशय में पहाड़ी नालों के साथ बारिश का पानी एकत्र होता है। लगातार बारिश होने तथा पहाड़ी नालों में बाढ़ आने से जलाशय में पानी भर गया है। पानी के दबाव के चलते रविवार की सुबह जलाशय के बांध में रिसाव होने लगा। रिसाव की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बंधे पर जुटने लगे। ग्राम प्रधान नीलम थारू, जानकी प्रसाद पाल, गुन्नू मास्टर, किशन चौधरी व सलीम खान आदि ने बांध में रिसाव की सूचना विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी को भेजी। सूचना मिलते ही बाढ़ खंड व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तत्काल कर्मचारियों को कटान रोकने के कार्य में लगाया गया। कर्मचारी देर शाम तक मरम्मत कार्य में जुटे रहे।
बाढ़ खंड के एसडीओ गोपाल राम ने बताया कि बंधे में कटान रोकने के लिए बोरी में मिट्टी डालकर रखवाया जा रहा है। काफी हद तक कटान रोक ली गई है।