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हादसों का डेटाबेस जुटाने वाले एप का हुआ ड्राईरन
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बलरामपुर। जिले में होने वाले सभी छोटे व बड़े वाहन हादसों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा बेस(आईरेड) एप पर जिले में काम शुरु हो गया है।
एनआईसी, पुलिस, परिवहन व यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने नगर व देहात कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एप का अभ्यास किया। सभी विभागों ने अपने-अपने कामकाज के आधार से एप पर जानकारी भरी। इस डाटाबेस के आधार पर शासन की एक टीम पूरा रिसर्च करेगी।
एआरटीओ अरविन्द यादव, सीओ सिटी वरुण मिश्र व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दीपांकर श्रीवास्तव के नेतृत्व में नगर व देहात कोतवाली के सामने ड्राईरन कराया गया। एआरटीओ ने कहा कि यातायात नियमों के पालन में लापरवाही बरतने के साथ अपेक्षित सुधार न होने का प्रमुख कारण यह है कि हमारे देश में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का न तो भली प्रकार से संग्रहण है और न ही विशलेषण।
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जिसके कारण अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। तमिलनाडु की तर्ज पर यूपी में भी आईरेड एप लांच किया गया है। आईरेड एप में परिवहन, पुलिस, एनआईसी व यातायात विभाग की अलग-अलग आईडी पासवर्ड बनाई गई है।
एनआईसी, परिवहन, यातायात और पुलिस विभाग अपने-अपने स्तर से जानकारी भरकर ट्रायल के तौर पर सूचना भेजेंगे।
शासन स्तर से हादसों की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने को प्लान तैयार होगा। बलरामपुर जिले में ट्रायल के तौर पर इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान यातायात प्रभारी सुरेश कुमार वर्मा, प्रभारी देहात कोतवाली धर्मप्रकाश सिंह व नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सहित इन सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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एनआईसी, पुलिस, परिवहन व यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने नगर व देहात कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एप का अभ्यास किया। सभी विभागों ने अपने-अपने कामकाज के आधार से एप पर जानकारी भरी। इस डाटाबेस के आधार पर शासन की एक टीम पूरा रिसर्च करेगी।
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एआरटीओ अरविन्द यादव, सीओ सिटी वरुण मिश्र व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दीपांकर श्रीवास्तव के नेतृत्व में नगर व देहात कोतवाली के सामने ड्राईरन कराया गया। एआरटीओ ने कहा कि यातायात नियमों के पालन में लापरवाही बरतने के साथ अपेक्षित सुधार न होने का प्रमुख कारण यह है कि हमारे देश में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का न तो भली प्रकार से संग्रहण है और न ही विशलेषण।
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जिसके कारण अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। तमिलनाडु की तर्ज पर यूपी में भी आईरेड एप लांच किया गया है। आईरेड एप में परिवहन, पुलिस, एनआईसी व यातायात विभाग की अलग-अलग आईडी पासवर्ड बनाई गई है।
एनआईसी, परिवहन, यातायात और पुलिस विभाग अपने-अपने स्तर से जानकारी भरकर ट्रायल के तौर पर सूचना भेजेंगे।
शासन स्तर से हादसों की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने को प्लान तैयार होगा। बलरामपुर जिले में ट्रायल के तौर पर इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान यातायात प्रभारी सुरेश कुमार वर्मा, प्रभारी देहात कोतवाली धर्मप्रकाश सिंह व नगर कोतवाली के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सहित इन सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।