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महज 65 फीसदी हुई गेहूं खरीद

Mon, 29 Jun 2020 10:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:33 PM IST
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Only 65 percent wheat procurement
बलरामपुर। जिले में महज 65.11 प्रतिशत ही गेहूं की खरीदारी की जा सकी है। बढ़ाए गए 15 दिन की समय सीमा भी गेहूं खरीद को परवान नहीं चढ़ा सकी है। गेहूं खरीद में अब मात्र एक दिन ही शेष बचा है। एक दिन में 35 प्रतिशत गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा कर पाना कठिन चुनौती है। ऐसे में क्रय एजेंसियों का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होता नहीं दिखाई पड़ रहा है। खरीदे गए गेहूं का 115.72 लाख रुपये की धनराशि भी बकाया है। डिप्टी आरएमओ नरेन्द्र कुमार तिवारी ने सोमवार को बताया कि क्रय एजेंसियों को किसानों से खरीदे गए गेहूं मूल्य का तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया है।
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डिप्टी आरएमओ ने बताया कि रबी क्रय वर्ष 2020-21 में कोविड-19 के चलते एक अप्रैल की जगह 16 अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो सकी। शासन ने जिले के 44 क्रय केंद्रों पर 30 जून तक 32,500 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था। क्रय एजेंसियां खाद्य विभाग को नौ केंद्रों पर 5700 एमटी, पीसीएफ को 22 क्रय केंद्रों पर 16000 एमटी, यूपीएसएस को 12 क्रय केंद्रों पर 8500 एमटी और भारतीय खाद्य निगम को एक क्रय केंद्र पर 500 एमटी गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया। जिले में 29 जून तक चारों क्रय एजेंसियों ने 65.11 प्रतिशत के साथ 20644.05 एमटी गेहूं 3858 किसानों से खरीदा है।
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खाद्य विभाग ने 42.58 प्रतिशत के साथ 5106.45 एमटी, पीसीएफ ने 71.96 प्रतिशत के साथ 15537.60 एमटी, यूपीएसएस ने 69.33 प्रतिशत के साथ 5893 एमटी और भारतीय खाद्य निगम ने 112.01 प्रतिशत के साथ 560.05 एमटी गेहूं खरीद किया है। चारों क्रय एजेंसियों ने 3858 किसानों से खरीदे गए 4073.19 लाख की तुलना में अब तक 3957.48 लाख रुपये का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से बैंक खातों में कर दिया है। बाकी बचे 115.72 लाख रुपये शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। गेहूं खरीद का समय से भुगतान न करने पर संबंधित क्रय एजेंसी के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। उधर किसानों का आरोप है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर झाम के चलते उन्हें बिचौलियों के हाथ औने-पौने दामों में गेहूं बेचना पड़ा है। इसीलिए सरकार की तरफ से गेहूं खरीद का समय बढ़ाए जाने के बावजूद परवान नहीं चढ़ सकी है।
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