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Balrampur News: अब फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों से ही होगी गेहूं की खरीद
Fri, 10 Apr 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:26 PM IST
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फोटो-16- बलरामपुर के भगवतीगंज मंडी समिति स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करते संभागीय खाद्
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बलरामपुर। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों के सामने एक और समस्या खड़ी हो गई है। नए नियम के तहत अब फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) बनवाने वाले किसान ही क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे। ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसान एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं।
किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले में 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। चार क्रय एजेंसियों को दो लाख 15 हजार क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। नौ अप्रैल तक जिले में 241.84 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसी बीच विपणन विभाग की तरफ से नया नियम लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) न बनवाने वाले किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं ले पाएंगे। गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होने के बाद अब किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान क्रय केंद्रों से खाली हाथ लौट रहे हैं। किसान पुत्तू तिवारी, राम संजीवन व द्वारिका प्रसाद ने बताया कि यह नियम किसानों के हित में नहीं है। फार्मर रजिस्ट्री करवाने में नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। ऐसे में समय से प्रक्रिया पूरी न होने पर एमएसपी का लाभ पाने से हम लोग वंचित रह जाएंगे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा का कहना है कि तकनीकी दिक्कतें और जानकारी के अभाव में किसान परेशान हो रहे हैं। नए नियम के खिलाफ आवाज उठाया जाएगा।
मंडल के अधिकारियों ने लिया जायजा
संभागीय खाद्य नियंत्रक चंद्र भान यादव व संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी सत्येंद्र नाथ पांडेय ने शुक्रवार को गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। भगवतीगंज मंडी समिति में बने खाद्य विभाग व एफसीआई के क्रय केंद्रों पर सुविधाओं की पड़ताल की। क्रय केंद्रों पर बोरे की संख्या कम मिलने पर नाराजगी जताई। किसानों से प्राथमिकता के आधार गेहूं की खरीदारी की जाए। भुगतान मामले में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से कोटे की दुकानों से बोरा मंगवाकर खरीदारी प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी, विपणन निरीक्षक हिमांशु, केंद्र प्रभारी मधुप, अब्दुल लतीफ खान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले में 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। चार क्रय एजेंसियों को दो लाख 15 हजार क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है। नौ अप्रैल तक जिले में 241.84 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसी बीच विपणन विभाग की तरफ से नया नियम लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) न बनवाने वाले किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं ले पाएंगे। गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होने के बाद अब किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान क्रय केंद्रों से खाली हाथ लौट रहे हैं। किसान पुत्तू तिवारी, राम संजीवन व द्वारिका प्रसाद ने बताया कि यह नियम किसानों के हित में नहीं है। फार्मर रजिस्ट्री करवाने में नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। ऐसे में समय से प्रक्रिया पूरी न होने पर एमएसपी का लाभ पाने से हम लोग वंचित रह जाएंगे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा का कहना है कि तकनीकी दिक्कतें और जानकारी के अभाव में किसान परेशान हो रहे हैं। नए नियम के खिलाफ आवाज उठाया जाएगा।
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मंडल के अधिकारियों ने लिया जायजा
संभागीय खाद्य नियंत्रक चंद्र भान यादव व संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी सत्येंद्र नाथ पांडेय ने शुक्रवार को गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। भगवतीगंज मंडी समिति में बने खाद्य विभाग व एफसीआई के क्रय केंद्रों पर सुविधाओं की पड़ताल की। क्रय केंद्रों पर बोरे की संख्या कम मिलने पर नाराजगी जताई। किसानों से प्राथमिकता के आधार गेहूं की खरीदारी की जाए। भुगतान मामले में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से कोटे की दुकानों से बोरा मंगवाकर खरीदारी प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी, विपणन निरीक्षक हिमांशु, केंद्र प्रभारी मधुप, अब्दुल लतीफ खान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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