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Balrampur News: अब दफनाए गए शव की पहचान बनी पुलिस के लिए चुनौती

Tue, 19 May 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Tue, 19 May 2026 11:35 PM IST
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Now the identification of the buried body has become a challenge for the police
उतरौला (बलरामपुर)। उतरौला में अज्ञात शव को मुस्तफा मानकर दफनाने का मामला अब पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मुस्तफा के जिंदा लौट आने के बाद जिस शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था, उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव की तस्वीरें और विवरण मंडल के चार जिलों में भेजकर करीब 55 वर्ष आयु वर्ग के लापता लोगों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है।
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शनिवार को देवरिया-मैनहा मार्ग किनारे गड्ढे में पांच-छह दिन पुराना क्षत-विक्षत शव मिला था। पटेल नगर निवासी शमीम अहमद ने आशंका जताई थी कि शव उनके मानसिक रूप से अस्वस्थ भाई मुस्तफा का हो सकता है, जो कई दिनों से लापता थे। पुलिस ने इसी आधार पर पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम कराया और रविवार को शव परिवार को सौंप दिया। दफन की प्रक्रिया पूरी होने के कुछ घंटे बाद ही मुस्तफा घर लौट आए, जिससे पूरा मामला ही पलट गया।
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अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दफनाया गया शव किसका था। शव की तस्वीर, कपड़ों और अन्य विवरण के आधार पर पहचान कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन शव दफन हो जाने से जांच और जटिल हो गई है।
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कस्बे में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे मुस्तफा के पुश्तैनी मकान और उसके पुनर्निर्माण से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का सवाल है कि जब मुस्तफा पहले भी कई बार घर छोड़कर लौट चुके थे, तब केवल अंदेशे के आधार पर शव की पहचान कैसे मान ली गई। हालांकि पुलिस ने किसी साजिश की पुष्टि नहीं की है।
मुस्तफा के भाई शमीम अहमद का कहना है कि शव काफी क्षत-विक्षत था और पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। परिस्थितियों के दबाव में उन्होंने शव को मुस्तफा मान लिया।
सरकारी रिकॉर्ड में फिर जिंदा होंगे मुस्तफा
पुलिस अब मुस्तफा को सरकारी दस्तावेजों में दोबारा जीवित दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है और पुलिस रिकॉर्ड में संशोधन की कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक मृतक की पहचान होने तक रिकॉर्ड में संशोधन आसान नहीं होगा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस नाम से प्रविष्टि हुई है, उसमें बदलाव के लिए विधिक प्रक्रिया अपनानी होगी। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम अभिलेख में अब यह दर्ज किया गया है कि मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।


क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। परिजन सीएमओ कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नाम हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। विभागीय स्तर पर भी आवश्यक पत्राचार किया जा रहा है।
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