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Balrampur News: शहर में गन्ना लदे ट्रकों की नो-एंट्री, स्कूल समय में भी रोक

Wed, 23 Sep 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Wed, 23 Sep 2026 11:41 PM IST
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No entry for sugarcane-laden trucks in the city, even during school hours
बलरामपुर। गन्ना पेराई सत्र शुरू होते ही शहर की सड़कों पर गन्ना लदे ट्रकों और ट्रॉलियों की बढ़ने वाली आवाजाही से जाम की समस्या न हो, इसके लिए इस बार इनके प्रवेश पर रोक रहेगी। बलरामपुर और तुलसीपुर शहर में गन्ना लदे भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री व्यवस्था लागू की जाएगी। स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय भी इन वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इसके लिए पेराई सत्र शुरू होने से पहले वैकल्पिक रास्ते तय किए जाएंगे।
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पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि ऐसे गन्ना क्रय केंद्र, जहां से चीनी मिल तक जाने के लिए वाहनों को बलरामपुर शहर से होकर गुजरना पड़ता है, उनकी संबद्धता बदली जाएगी। ऐसे क्रय केंद्रों को तुलसीपुर चीनी मिल से जोड़ने पर विचार किया जाएगा।
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डीएम ने पेराई सत्र शुरू होने से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। तीनों चीनी मिलों में नवंबर में पेराई शुरू करने की तैयारी है। तुलसीपुर चीनी मिल में चार नवंबर, बलरामपुर चीनी मिल में 10 नवंबर और इटईमैदा चीनी मिल में 23 नवंबर से पेराई शुरू होना प्रस्तावित है। मिल प्रबंधन को मशीनों की मरम्मत और अनुरक्षण समेत सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
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परिवहन व्यवस्था की निगरानी के लिए 682 गन्ना वाहनों में जीपीएस लगाने का प्रस्ताव है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल के 411, तुलसीपुर के 146 और इटईमैदा के 125 वाहन शामिल हैं।
गन्ने का रकबा 98,632 हेक्टेयर पहुंचा
जिले में गन्ने की खेती का रकबा भी बढ़ा है। वर्ष 2025-26 में 95,970 हेक्टेयर के मुकाबले इस बार 98,632 हेक्टेयर में गन्ने की खेती हुई है। यानी 2,662 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 2.78 प्रतिशत अधिक है।

डीएम ने बताया कि बीते वर्ष जिले में तीन चीनी मिलों के 203 गन्ना क्रय केंद्र संचालित थे। नए पेराई सत्र को लेकर सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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