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Balrampur News: नेपाल के नागरिकों से सीमावर्ती बाजारों में लौटी रौनक
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बलरामपुर के चौक बाजार में बर्तन खरीदते लोग।-संवाद
हरैया सतघरवा। तरक्की के द्वार अभियान के चलते सीमा क्षेत्र के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मणिपुर साप्ताहिक बाजार में रविवार को दीपावली पर्व की चहल-पहल देखने को मिली। बाजार में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और हर ओर खरीदारी का उत्साह रहा।
बाजार में सजावटी सामान, मिठाइयों, परिधानों, दीपक और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। स्थानीय लोगों के साथ नेपाल से आए सैकड़ों खरीदारों ने भी अपनी जरूरत के सामान खरीदे। बाजार में सुबह से ही रौनक शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक बनी रही। नेपाल निवासी प्रेम नेगी ने बताया कि वे हर रविवार को बाजार में दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने आते हैं, लेकिन इस बार दीपावली के कारण बाजार में खासा उत्साह है। नेपाल की मनीषा ने बताया कि वह चूड़ी, बिंदी और सौंदर्य सामग्री की खरीदारी करने आई हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर बाजार सीमावर्ती इलाकों की महिलाओं के लिए बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि यहां अच्छी गुणवत्ता का सामान वाजिब दामों में मिल जाता है।
स्थानीय व्यापारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि दीपावली पर्व ने व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। सीमावर्ती गांवों और नेपाल से बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। बताया कि कपड़ा, मिठाई, मिठाई के डिब्बे, दीये और सजावटी लाइटों की बिक्री कई गुना बढ़ी है। मिट्टी के दीये बेचने वाले कारीगर कमला प्रसाद प्रजापति ने बताया कि इस बार बिक्री उम्मीद से अधिक हुई है।
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अभियान से मिली व्यापारियों को नई उम्मीद
दुकानदार सोहनलाल ने कहा कि तरक्की के द्वार अभियान से स्थानीय व्यापारियों को नई उम्मीद मिली है। नेपाल हिंसा और मंदी के बाद अब व्यापार पटरी पर लौट रहा है। नेपाल से आने वाले ग्राहकों ने हमारे व्यवसाय में नई जान डाल दी है। समाजसेवी रमेश मिश्र ने कहा कि कि तरक्की के द्वार अभियान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। व्यापार बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
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बाजार में सजावटी सामान, मिठाइयों, परिधानों, दीपक और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। स्थानीय लोगों के साथ नेपाल से आए सैकड़ों खरीदारों ने भी अपनी जरूरत के सामान खरीदे। बाजार में सुबह से ही रौनक शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक बनी रही। नेपाल निवासी प्रेम नेगी ने बताया कि वे हर रविवार को बाजार में दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने आते हैं, लेकिन इस बार दीपावली के कारण बाजार में खासा उत्साह है। नेपाल की मनीषा ने बताया कि वह चूड़ी, बिंदी और सौंदर्य सामग्री की खरीदारी करने आई हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर बाजार सीमावर्ती इलाकों की महिलाओं के लिए बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि यहां अच्छी गुणवत्ता का सामान वाजिब दामों में मिल जाता है।
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स्थानीय व्यापारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि दीपावली पर्व ने व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। सीमावर्ती गांवों और नेपाल से बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। बताया कि कपड़ा, मिठाई, मिठाई के डिब्बे, दीये और सजावटी लाइटों की बिक्री कई गुना बढ़ी है। मिट्टी के दीये बेचने वाले कारीगर कमला प्रसाद प्रजापति ने बताया कि इस बार बिक्री उम्मीद से अधिक हुई है।
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अभियान से मिली व्यापारियों को नई उम्मीद
दुकानदार सोहनलाल ने कहा कि तरक्की के द्वार अभियान से स्थानीय व्यापारियों को नई उम्मीद मिली है। नेपाल हिंसा और मंदी के बाद अब व्यापार पटरी पर लौट रहा है। नेपाल से आने वाले ग्राहकों ने हमारे व्यवसाय में नई जान डाल दी है। समाजसेवी रमेश मिश्र ने कहा कि कि तरक्की के द्वार अभियान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। व्यापार बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।