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ककरहवा पहाड़ी नाला उफनाया, लोगों में दहशत
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बलरामपुर के ककरहवा पहाड़ी नाले में आया उफान।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। ककरहवा पहाड़ी नाले में उफान आने से आसपास बसे गांव के लोगों में दहशत है। राप्ती नदी के जल स्तर में भी धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ों पर भारी बारिश होने से बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है।
राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के उफनाने से जिले के तीनों तहसीलों के 350 गांवों पर बाढ़ व कटान का संकट आएगा। जिला प्रशासन की तरफ से तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को बाढ़ और कटान पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
थाना महराजगंज तराई क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि ककरहवा पहाड़ी नाले में बाढ़ आने से लोगों में दहशत व्याप्त हो गई है। हालांकि कुछ घंटे बाद ककरहवा पहाड़ी नाले के बाढ़ का पानी कम होने लगा जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली।
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सदर ब्लॉक के राप्ती नदी के सिसई घाट पर तैनात स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि भारी बारिश होने से राप्ती नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है। राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर है। खतरे का स्तर 104.62 मीटर है।
उच्चतम बाढ़ का स्तर 105.54 मीटर निर्धारित है। बुधवार को राप्ती नदी का जलस्तर 102.93 मीटर रहा है जो चेतावनी बिंदु से 69 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी के सदर व उतरौला तहसील के कई गांवों में बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है।
राप्ती नदी में बाढ़ आने से दोनों तहसीलों के करीब 350 गांव प्रभावित होंगे जहां बाढ़ व कटान का खतरा उत्पन्न होगा। जिले में 17 पहाड़ी नाले बहते है। पहाड़ों पर भारी बारिश होने से पहाड़ी नालों में बाढ़ आने पर तुलसीपुर व सदर तहसील के कई गांवों में तबाही मच सकती हैै।
मौसम विभाग की तरफ से 20 जून तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ बैठक कर डीएम श्रुति ने जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों, हल्का लेखपालों व ग्राम पंचायत सचिवों को राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ व कटान पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
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राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के उफनाने से जिले के तीनों तहसीलों के 350 गांवों पर बाढ़ व कटान का संकट आएगा। जिला प्रशासन की तरफ से तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को बाढ़ और कटान पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
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थाना महराजगंज तराई क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि ककरहवा पहाड़ी नाले में बाढ़ आने से लोगों में दहशत व्याप्त हो गई है। हालांकि कुछ घंटे बाद ककरहवा पहाड़ी नाले के बाढ़ का पानी कम होने लगा जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली।
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सदर ब्लॉक के राप्ती नदी के सिसई घाट पर तैनात स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि भारी बारिश होने से राप्ती नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है। राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर है। खतरे का स्तर 104.62 मीटर है।
उच्चतम बाढ़ का स्तर 105.54 मीटर निर्धारित है। बुधवार को राप्ती नदी का जलस्तर 102.93 मीटर रहा है जो चेतावनी बिंदु से 69 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी के सदर व उतरौला तहसील के कई गांवों में बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है।
राप्ती नदी में बाढ़ आने से दोनों तहसीलों के करीब 350 गांव प्रभावित होंगे जहां बाढ़ व कटान का खतरा उत्पन्न होगा। जिले में 17 पहाड़ी नाले बहते है। पहाड़ों पर भारी बारिश होने से पहाड़ी नालों में बाढ़ आने पर तुलसीपुर व सदर तहसील के कई गांवों में तबाही मच सकती हैै।
मौसम विभाग की तरफ से 20 जून तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ बैठक कर डीएम श्रुति ने जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों, हल्का लेखपालों व ग्राम पंचायत सचिवों को राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ व कटान पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।