{"_id":"62bb4751f80fe30fd32833d0","slug":"hospital-balrampur-news-lko6372712154","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य उपकेंद्र पर बिना पैसे दिए नहीं होता इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य उपकेंद्र पर बिना पैसे दिए नहीं होता इलाज
विज्ञापन
ोटो-8-बलरामपुर के शिवचरनडीह गांव में सामुदायिक शौचालय में लगा ताला।-संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
तुलसीपुर (बलरामपुर)। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है मगर भ्रष्टाचार के चलते लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल में प्रसव के नाम पर भारी धन उगाही की जा रही है। सीएचसी तुलसीपुर क्षेत्र का स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर इसका जीता जागता उदाहरण है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस स्वास्थ्य उपकेंद्र पर बिना पैसा लिए मरीजों का इलाज ही नहीं किया जाता है। पैसे न देने पर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है। स्थानीय लोगों ने सीएमओ से मामले की शिकायत की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। यहां आने वाले मरीजों का खुलेआम शोषण किया जाता है। अस्पताल में तैनात एएनएम बिना पैसा लिए मरीजों का इलाज नहीं करती हैं। एएनएम की तुलसीपुर सीएचसी में कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सांठगांठ है। ये स्वास्थ्य कर्मचारी सीएचसी पर आने वाली प्रसूताओं को सुरक्षित प्रसव के नाम पर स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर भेज देते हैं। जहां प्रसूता के परिजनों से प्रसव कराने के लिए पांच हजार रुपये तक की मांग की जाती है। जो लोग पैसे नहीं देते हैं उन्हें लौटा दिया जाता है।
क्षेत्रवासी संजय, रमेश चंद्र, जितेंद्र, राधेश्याम, अरविंद कुमार आदि ने बताया कि अस्पताल समय में स्वास्थ्य उपकेंद्र प्राय: बंद ही रहता है। यदि स्वास्थ्य उपकेंद्र खुला भी रहता है तो वहां तैनात एएनएम मरीजों से खुलेआम पैसा मांगती हैं। पैसा न देने पर दूसरे अस्पताल में दिखाने को कहती हैं। विरोध करने पर एएनएम द्वारा मरीजों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है और धमकी भी दी जाती है। इन लोगों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराने तथा एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की सीएमओ से मांग की है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर में मरीजों से पैसा लिए जाने की मौखिक शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी, दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
विज्ञापन
सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज मुफ्त होता है। दवा, जांच या प्रसव के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है। स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराकर मरीजों से पैसे वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ, बलरामपुर
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। यहां आने वाले मरीजों का खुलेआम शोषण किया जाता है। अस्पताल में तैनात एएनएम बिना पैसा लिए मरीजों का इलाज नहीं करती हैं। एएनएम की तुलसीपुर सीएचसी में कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सांठगांठ है। ये स्वास्थ्य कर्मचारी सीएचसी पर आने वाली प्रसूताओं को सुरक्षित प्रसव के नाम पर स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर भेज देते हैं। जहां प्रसूता के परिजनों से प्रसव कराने के लिए पांच हजार रुपये तक की मांग की जाती है। जो लोग पैसे नहीं देते हैं उन्हें लौटा दिया जाता है।
विज्ञापन
क्षेत्रवासी संजय, रमेश चंद्र, जितेंद्र, राधेश्याम, अरविंद कुमार आदि ने बताया कि अस्पताल समय में स्वास्थ्य उपकेंद्र प्राय: बंद ही रहता है। यदि स्वास्थ्य उपकेंद्र खुला भी रहता है तो वहां तैनात एएनएम मरीजों से खुलेआम पैसा मांगती हैं। पैसा न देने पर दूसरे अस्पताल में दिखाने को कहती हैं। विरोध करने पर एएनएम द्वारा मरीजों के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है और धमकी भी दी जाती है। इन लोगों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराने तथा एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की सीएमओ से मांग की है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर में मरीजों से पैसा लिए जाने की मौखिक शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी, दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
विज्ञापन
सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज मुफ्त होता है। दवा, जांच या प्रसव के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है। स्वास्थ्य उपकेंद्र रमवापुर में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराकर मरीजों से पैसे वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ, बलरामपुर