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हिंदी दुनिया की सर्वोपरि भाषा
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बलरामपुर। हिंदी पखवाड़ा के अंतिम दिन एमएलके महाविद्यालय में गुरुवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी भाषा की संवैधानिक स्थिति और उसकी दिशा व दशा पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि एलबीएस पीजी कॉलेज गोंडा के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र नाथ मिश्र ने दीप जलाकर गोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा की संवैधानिक स्थिति बहुत ही सुदृढ़ है। बोलने वालों की संख्या के आधार पर हिंदी भाषा दुनिया की सर्वोपरि भाषा है। देश की बढ़ती जनसंख्या और शक्ति के चलते हिंदी का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल है।
एमएलके महाविद्यालय में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाशचंद्र गिरि ने हिंदी की शक्ति के साथ अन्य पहलुओं पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी अपनी भाषागत समृद्धि व लिपि की वैज्ञानिकता के नाते विश्व की अनेक समर्थ भाषाओं के बीच बेजोड़ है।
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महाविद्यालय के कई छात्र-छात्राओं ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न आयामों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने हिंदी भाषा के बढ़ते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए आयोजकों की सराहना की। गोष्ठी का संचालन हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रो. विमल प्रकाश वर्मा ने किया। इस मौके पर डॉ. सुधांशु श्रीवास्तव, अनिल पांडेय, मनीषा तिवारी, मोहिनी सिंह, नंदिनी शुक्ला, वंदना कुमारी आदि मौजूद रहीं।
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मुख्य अतिथि एलबीएस पीजी कॉलेज गोंडा के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र नाथ मिश्र ने दीप जलाकर गोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा की संवैधानिक स्थिति बहुत ही सुदृढ़ है। बोलने वालों की संख्या के आधार पर हिंदी भाषा दुनिया की सर्वोपरि भाषा है। देश की बढ़ती जनसंख्या और शक्ति के चलते हिंदी का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल है।
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एमएलके महाविद्यालय में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाशचंद्र गिरि ने हिंदी की शक्ति के साथ अन्य पहलुओं पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी अपनी भाषागत समृद्धि व लिपि की वैज्ञानिकता के नाते विश्व की अनेक समर्थ भाषाओं के बीच बेजोड़ है।
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महाविद्यालय के कई छात्र-छात्राओं ने भी हिंदी भाषा के विभिन्न आयामों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने हिंदी भाषा के बढ़ते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए आयोजकों की सराहना की। गोष्ठी का संचालन हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रो. विमल प्रकाश वर्मा ने किया। इस मौके पर डॉ. सुधांशु श्रीवास्तव, अनिल पांडेय, मनीषा तिवारी, मोहिनी सिंह, नंदिनी शुक्ला, वंदना कुमारी आदि मौजूद रहीं।