फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   health

दो साल में पीलिया से पीड़ित मिले 245 नवजात

Fri, 18 Feb 2022 12:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 12:17 AM IST
विज्ञापन
health
फोटो-5-बलरामपुर के जिला महिला चिवकित्सालय में बना एसएनसीयू वार्ड।-संवाद - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। समय से पहले जन्मे शिशुओं में क्लीनिकल पीलिया होने की आशंका सर्वाधिक रहती है। बीते दो वर्षों में जिले में 245 नवजात शिशु पीलिया से पीड़ित मिले हैं। पीलिया होने पर शिशु को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों को निगरानी में रख कर ही इलाज कराना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नवजात पर भारी पड़ सकती है। यह जानकारी जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ व एसएनसीयू वार्ड प्रभारी डॉ. महेश वर्मा ने दी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि पीलिया किसी भी उम्र में हो सकता है। बड़ों में यह बीमारी संक्रमण के चलते होती है जबकि नवजात में पीलिया अलग-अलग कारणों से होता है। नवजात में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है इस लिए अधिक दिनों तक पीलिया रहने से उसका हीमोग्लोबिन काफी कम हो जाने से जान जाने का खतरा भी ज्यादा होता है। बीते दो साल में एसएनसीयू वार्ड में 5385 नवजात शिशु भर्ती हुए। इनमें से 245 शिशु पीलिया से पीड़ित थे।
विज्ञापन

समय से इलाज होने से सभी नवजात स्वस्थ हो गए। उन्होंने बताया कि मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप अलग होना नवजात में पीलिया का प्रमुख कारण होता है। पीलिया का लक्षण दिखने के बाद इसके इलाज में देरी करने से नवजात की मौत भी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed