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जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर राजकीय की छात्राएं
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बलरामपुर। जर्जर भवन में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राएं पढ़ने को मजबूर हैं। भवन जर्जर होने के चलते अभिभावकों को हादसे की चिंता सता रही है। उतरौला विकास मंच की तरफ से एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र शिक्षा विभाग के नाम से भवन हस्तांतरित कराने की मांग की गई है। शिक्षा विभाग के नाम से जमीन न होने के चलते हर साल बजट वापस चला जाता है।
उतरौला विकास मंच के अध्यक्ष आदिल हुसैन के साथ अभिभावकों ने बीते दिन एएडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उतरौला का संचालन राजस्व विभाग के भवन में किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग को जमीन हस्तांतरित न होने से हर साल भवन निर्माण को मिलने वाला बजट वापस चला जाता है। विद्यालय की छात्राएं जर्जर व खपरैल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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छात्राएं जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि जमीन हस्तांतरित कराने के लिए डीएम व सीडीओ के माध्यम से हर साल शासन को पत्रावली भेजी जा रही है। भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया शासन में विचाराधीन है। एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने डीआईओएस को शासन में पैरवी करने का जिम्मा सौंपा है।
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उतरौला विकास मंच के अध्यक्ष आदिल हुसैन के साथ अभिभावकों ने बीते दिन एएडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उतरौला का संचालन राजस्व विभाग के भवन में किया जा रहा है।
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शिक्षा विभाग को जमीन हस्तांतरित न होने से हर साल भवन निर्माण को मिलने वाला बजट वापस चला जाता है। विद्यालय की छात्राएं जर्जर व खपरैल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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छात्राएं जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि जमीन हस्तांतरित कराने के लिए डीएम व सीडीओ के माध्यम से हर साल शासन को पत्रावली भेजी जा रही है। भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया शासन में विचाराधीन है। एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने डीआईओएस को शासन में पैरवी करने का जिम्मा सौंपा है।