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Balrampur News: भारत-नेपाल की संस्कृति से प्रगाढ़ होंगे दोनों देशों के मैत्री संबंध
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-बलरामपुर में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रवेश द्वार।-संवाद
बलरामपुर। भारत व नेपाल की संस्कृति की जागरूकता के साथ ही दोनों देशों के मैत्री संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए मैत्री महोत्सव का आयोजन होगा। संस्कृति निदेशालय ने कार्यक्रम जारी किया है। इसमें 14 फरवरी को एमएलके पीजी कॉलेज में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद 15 फरवरी को एसएसबी ग्राउंड में महोत्सव का आयोजन होगा। दोनों देशों की संस्कृति की प्रस्तुति होगी।
महोत्सव से भारत-नेपाल के संबंध को मजबूत बनाते हुए दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का कार्य किया जाएगा। महोत्सव में सीमावर्ती क्षेत्र के युवा व विद्यार्थियों के साथ प्रदेश की समृद्ध व संस्कृत विरासत को संरक्षित करने की पहल होगी। देश प्रेम की भावना को प्रवाहित करने के लिए राष्ट्र भक्ति कार्यक्रम का आयोजन होगा, ताकि दोनों देशों के युवा विद्यार्थी अपने देश के संस्कृत को जान व समझ सकें। महोत्सव में दोनों देशों की परंपरागत लोक कलाओं की प्रस्तुति स्थानीय कलाकार देंगे। एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि आयोजन की तैयारी की जा रही है।
महोत्सव का आकर्षण होंगी प्रस्तुतियां
मैत्री महोत्सव में दोनों देशों की संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इसमें अनादि भारतम की प्रस्तुति, रघुवीरा, भारतीय लोक नृत्य, व्यंजन एवं हस्तलित्य, भारत नेपाल परिधना, भारत-नेपाली फ्यूजन बैड शो, डांस ऑफ यूपी, हिंदी, भोजपुरी व नेपाली गायकों की प्रस्तुति, सांस्कृतिक यात्रा, नेपाली डांडिया, बांसुरी वाटू मारुनी नृत्यों की प्रस्तुति होगी। साथ ही महोत्सव में नेपाली नृत्य, नेकली तमांग समोह, फरुवाही नृत्य थारु लोक नृत्य, नमामि रामम कथा नृत्य नाटिकर व लोकप्रिय गायन के कार्यक्रम भी अलग छटा बिखेरेंगे। स्थानीय कलाकारों को भी इस आयोजन में अवसर मिलेगा। वहीं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी शामिल किए जाने के निर्देश संस्कृति विभाग ने दिए हैं।
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महोत्सव से भारत-नेपाल के संबंध को मजबूत बनाते हुए दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का कार्य किया जाएगा। महोत्सव में सीमावर्ती क्षेत्र के युवा व विद्यार्थियों के साथ प्रदेश की समृद्ध व संस्कृत विरासत को संरक्षित करने की पहल होगी। देश प्रेम की भावना को प्रवाहित करने के लिए राष्ट्र भक्ति कार्यक्रम का आयोजन होगा, ताकि दोनों देशों के युवा विद्यार्थी अपने देश के संस्कृत को जान व समझ सकें। महोत्सव में दोनों देशों की परंपरागत लोक कलाओं की प्रस्तुति स्थानीय कलाकार देंगे। एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि आयोजन की तैयारी की जा रही है।
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महोत्सव का आकर्षण होंगी प्रस्तुतियां
मैत्री महोत्सव में दोनों देशों की संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। इसमें अनादि भारतम की प्रस्तुति, रघुवीरा, भारतीय लोक नृत्य, व्यंजन एवं हस्तलित्य, भारत नेपाल परिधना, भारत-नेपाली फ्यूजन बैड शो, डांस ऑफ यूपी, हिंदी, भोजपुरी व नेपाली गायकों की प्रस्तुति, सांस्कृतिक यात्रा, नेपाली डांडिया, बांसुरी वाटू मारुनी नृत्यों की प्रस्तुति होगी। साथ ही महोत्सव में नेपाली नृत्य, नेकली तमांग समोह, फरुवाही नृत्य थारु लोक नृत्य, नमामि रामम कथा नृत्य नाटिकर व लोकप्रिय गायन के कार्यक्रम भी अलग छटा बिखेरेंगे। स्थानीय कलाकारों को भी इस आयोजन में अवसर मिलेगा। वहीं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी शामिल किए जाने के निर्देश संस्कृति विभाग ने दिए हैं।
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