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Balrampur News: श्रावस्ती के पूर्व सांसद ने जालौन के डाक्टर से ठगे थे 25 लाख
Wed, 06 Mar 2024 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:42 PM IST
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बलरामपुर। धोखाधड़ी के मामले में जेल गए श्रावस्ती के पूर्व सांसद व बलरामपुर जिले के घुघुलपुर निवासी डा. विनय कुमार पांडेय ने परिचित चिकित्सक जालौन निवासी डा. उमाशंकर सोनी से 25 लाख की ठगी की थी। आरोप है कि उन्होंने बालू खनन के ठेके में साझेदार बनाने के लिए 25 लाख रूपये की ठगी की थी। अब यह मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है।
धोखाधड़ी का यह मामला वर्ष 2018 का है, उस समय ठेके लिए पैसे का लेनदेन हुआ था। पीडित चिकित्सक का आरोप है कि वह रकम ट्रांसफर के बाद पूर्व सांसद ने दस रूपये के स्टांप पर महीप ओझा के नाम से एक एमओयू भी तैयार कराया। इसमें उसे 35 फीसदी का साझेदार भेड़ीखंड- तीन के बालू खनन के कार्य में बनाया गया। आरोप है कि काम शुरू होने की सूचना जब उसे नहीं मिली तब उसने विनय पांडेय से पूछतांछ की। इस पर कहा गया कि पैसा वापस कर देंगे। इसके बाद भी वह चार साल तक पैसे के लिए दौड़ता रहा।
वर्ष 2022 जुलाई में उसने डीआईजी से मिलकर अपनी समस्या बताई। जिस पर कोतवाली नगर में 23 जुलाई 2022 में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसी मामले में बुधवार को गोंडा में जमानत निरस्त होने के बाद पूर्व सांसद को जेल भेजा गया है। इसके बाद से पूर्व सांसद के घुघुलपुर आवास पर सन्नाटा पसरा रहा।
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पूर्व सांसद के जेल जाने के बाद बलरामपुर पुलिस उनका पुराना आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है। जनवरी 2023 में इससे पहले पूर्व सांसद को दिल्ली की सीबीआई कोर्ट में फर्जी एयर टिकट केस में दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
वर्ष 1988 से घुघुलपुर ग्राम पंचायत से पंचायत सदस्य के रूप में राजनीतिक पारी शुरू करने वाले विनय पांडेय ने 1993 में बलरामपुर सीट से विधायक चुने गए। उन्होंने राजनीति की शुरूआत सपा से की। 1996 में कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़े और जीते। लेकिन 1997 में ही वह कांग्रेस से अलग होकर लोकतांत्रिक कांग्रेस के गठन में शामिल रहे और भाजपा को समर्थन दिया। 2002 में दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए। साल 2007 में भी उन्हें पराजित होना पड़ा। 2009 में नवगठित श्रावस्ती संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव कांग्रेस से लड़कर चुनाव जीते थे।
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धोखाधड़ी का यह मामला वर्ष 2018 का है, उस समय ठेके लिए पैसे का लेनदेन हुआ था। पीडित चिकित्सक का आरोप है कि वह रकम ट्रांसफर के बाद पूर्व सांसद ने दस रूपये के स्टांप पर महीप ओझा के नाम से एक एमओयू भी तैयार कराया। इसमें उसे 35 फीसदी का साझेदार भेड़ीखंड- तीन के बालू खनन के कार्य में बनाया गया। आरोप है कि काम शुरू होने की सूचना जब उसे नहीं मिली तब उसने विनय पांडेय से पूछतांछ की। इस पर कहा गया कि पैसा वापस कर देंगे। इसके बाद भी वह चार साल तक पैसे के लिए दौड़ता रहा।
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वर्ष 2022 जुलाई में उसने डीआईजी से मिलकर अपनी समस्या बताई। जिस पर कोतवाली नगर में 23 जुलाई 2022 में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसी मामले में बुधवार को गोंडा में जमानत निरस्त होने के बाद पूर्व सांसद को जेल भेजा गया है। इसके बाद से पूर्व सांसद के घुघुलपुर आवास पर सन्नाटा पसरा रहा।
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पूर्व सांसद के जेल जाने के बाद बलरामपुर पुलिस उनका पुराना आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है। जनवरी 2023 में इससे पहले पूर्व सांसद को दिल्ली की सीबीआई कोर्ट में फर्जी एयर टिकट केस में दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
वर्ष 1988 से घुघुलपुर ग्राम पंचायत से पंचायत सदस्य के रूप में राजनीतिक पारी शुरू करने वाले विनय पांडेय ने 1993 में बलरामपुर सीट से विधायक चुने गए। उन्होंने राजनीति की शुरूआत सपा से की। 1996 में कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़े और जीते। लेकिन 1997 में ही वह कांग्रेस से अलग होकर लोकतांत्रिक कांग्रेस के गठन में शामिल रहे और भाजपा को समर्थन दिया। 2002 में दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए। साल 2007 में भी उन्हें पराजित होना पड़ा। 2009 में नवगठित श्रावस्ती संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव कांग्रेस से लड़कर चुनाव जीते थे।