फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Flood wreaks havoc on 385 villages

Balrampur News: 385 गांवों पर टूटता है बाढ़ का कहर

Tue, 02 Jul 2024 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Tue, 02 Jul 2024 11:40 PM IST
विज्ञापन
Flood wreaks havoc on 385 villages
बलरामपुर। जिले के 17 तटबंधों पर सात लाख लोगों की सुरक्षा टिकी है। तीनों तहसीलों में 385 गांवों पर हर साल बाढ़ का कहर टूटता है। राप्ती, बूढ़ी राप्ती व कुआनों नदियों के साथ सुआंव नाला एवं 17 पहाड़ी नालों से बाढ़ की तबाही मचती है। लोगों को बाढ़ के कहर से बचाने के लिए हर साल तटबंधों के मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन गांवों में बाढ़ की तबाही को रोकने में तटबंधों की सुरक्षा नाकाफी रहती है।
विज्ञापन

बाढ़ से हर साल करीब आठ लाख आबादी प्रभावित होती है। राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदियों के साथ 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ से लोगों को बचाने के लिए 161.8 किमी. लंबाई में तटबंधों का निर्माण कराया गया है। सदर व उतरौला तहसील में करीब 200 गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए राप्ती नदी के दाएं जिले का सबसे लंबा 70.3 किलोमीटर बलरामपुर-भड़रिया तटबंध का निर्माण कराया गया था। इसके अलावा सदर तहसील में 9.25 किलोमीटर. राजघाट, 5.5 किमी. भगवानपुर, 27.4 किलोमीटर मेवालाल तालाब, 2.5 किलोमीटर कोड़री घाट पुल के अफलैक्स बंध व गाइड बंध की सुरक्षा, 10 किलोमीटर करमहना, दो किलोमीटर बेलहा चरगहिया व 1.4 किलोमीटर रामनगर तटबंधों के निर्माण कराए गए।
विज्ञापन

कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है भड़रिया तटबंध
राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित बलरामपुर-भड़रिया तटबंध कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। उतरौला तहसील के बाघाजोत गांव के पास तटबंध पर झाडियां उगी हैं। राप्ती नदी में बाढ़ आने पर 137 गांव प्रभावित होते हैं। जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव व माधव सरन श्रीवास्तव ने बताया कि हर साल तटबंध के मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किया जाता है, लेकिन धरातल पर तटबंध की स्थित में कभी सुधार ही नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खरझार पहाड़ी नाले का तटबंध जर्जर
खरझार पहाड़ी नाले का तटबंध जर्जर है। खरझार पहाड़ी नाला के बाढ़ का कहर क्षेत्र के 20 गांवों की 10 हजार आबादी हर साल झेलती है। तुलाराम यादव, धनीराम वर्मा व राजकुमार ने बताया कि नाले के पश्चिमी तट पर बना तटबंध पुल के करीब पूरी तरह से जर्जर है। लोगों की तमाम मांग के बाद भी तटबंध की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।

तटबंधों की हो रही मरम्मत
सभी तटबंधों की मरम्मत कराई जा रही है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को सभी तटबंधों की मरम्मत कराने के साथ चूहों के बिलों व रेन कटर को दुरूस्त कराने और झाड़ियों को कटवाने का निर्देश दिया गया है। इसमें काेई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed