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लेखपालों की हड़ताल से बाढ़ राहत कार्य प्रभावित
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बलरामपुर। साथी की पुलिसकर्मियों द्वारा की गई पिटाई से नाराज उतरौला तहसील के लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित करने की मांग पर अड़े लेखपालों की हड़ताल से बाढ़ राहत व बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
तहसील उतरौला लेखपाल संघ के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि गत 13 अक्तूबर की रात उतरौला कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने लेखपाल अखिलेश वर्मा को चोर समझकर पीट दिया था। इसकी जानकारी देने पर भी पुलिसकर्मी नहीं माने और उन्हें कोतवाली में बैठा लिया। एसडीएम के हस्तक्षेप पर अखिलेश छूटे थे।
घटना के समय से ही अधिकारी विवाद पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। लेखपाल संघ ने कार्रवाई को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अध्यक्ष का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
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अध्यक्ष के मुताबिक अखिलेश वर्मा गत 13 अक्तूबर की रात बाढ़ राहत कार्य से लौटने के बाद तहसीलदार के आवास पर रिपोर्ट करने आए थे। तभी वहां एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा। भीड़ देखकर वह भागने लगा। अखिलेश उसका पीछा करने लगे। इस पर वह संदिग्ध कोतवाली परिसर स्थित सिपाहियों के आवास में घुस गया। इसी बीच कुछ सिपाही बाहर निकले तो अखिलेश ने उन्हें बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति तहसीलदार आवास से भागकर आपके बैरक में घुसा है। मगर सिपाहियों ने अखिलेश की एक न सुनी और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो जिले की तीनों तहसीलों के लेखपाल हड़ताल शुरू कर देंगे।
लेखपालों की हड़ताल से उतरौला तहसील क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्य बुरी तरह से प्रभावित हैं। पीड़ितों को प्रशासन से समुचित मदद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी विवाद सुलझाने को प्रयासरत हैं मगर लेखपाल मांग पूरी किए बिना हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं।
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तहसील उतरौला लेखपाल संघ के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि गत 13 अक्तूबर की रात उतरौला कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने लेखपाल अखिलेश वर्मा को चोर समझकर पीट दिया था। इसकी जानकारी देने पर भी पुलिसकर्मी नहीं माने और उन्हें कोतवाली में बैठा लिया। एसडीएम के हस्तक्षेप पर अखिलेश छूटे थे।
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घटना के समय से ही अधिकारी विवाद पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। लेखपाल संघ ने कार्रवाई को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अध्यक्ष का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
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अध्यक्ष के मुताबिक अखिलेश वर्मा गत 13 अक्तूबर की रात बाढ़ राहत कार्य से लौटने के बाद तहसीलदार के आवास पर रिपोर्ट करने आए थे। तभी वहां एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा। भीड़ देखकर वह भागने लगा। अखिलेश उसका पीछा करने लगे। इस पर वह संदिग्ध कोतवाली परिसर स्थित सिपाहियों के आवास में घुस गया। इसी बीच कुछ सिपाही बाहर निकले तो अखिलेश ने उन्हें बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति तहसीलदार आवास से भागकर आपके बैरक में घुसा है। मगर सिपाहियों ने अखिलेश की एक न सुनी और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो जिले की तीनों तहसीलों के लेखपाल हड़ताल शुरू कर देंगे।
लेखपालों की हड़ताल से उतरौला तहसील क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्य बुरी तरह से प्रभावित हैं। पीड़ितों को प्रशासन से समुचित मदद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी विवाद सुलझाने को प्रयासरत हैं मगर लेखपाल मांग पूरी किए बिना हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं।