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Balrampur News: छुट्टा पशुओं से परेशान किसानों ने किया प्रदर्शन
Thu, 04 Jan 2024 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 04 Jan 2024 11:12 PM IST
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हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। विकासखंड के खैरहनिया गांव के किसानों ने छुट्टा मवेशियों से होने वाली परेशानी से आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य ओम प्रकाश पांडेय की अगुवाई में बृहस्पतिवार को एकत्रित हुए ग्रामीणों ने इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए क्षेत्र में गो-आश्रय केंद्र बनाए जाने की मांग भी की।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था कि इस परेशानी से बचने के लिए उन्होंने आपसी चंदा लगाकर अस्थाई गो-आश्रय केंद्र बनवाया है लेकिन जिम्मेदारों के सुविधाएं न देने से मवेशी खेती किसानी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल मकसूद, कमला प्रसाद, राजकरन, सलाहुद्दीन, काशीराम, रामपाल, अब्दुल वहाब व छेदी इत्यादि ने बताया कि इन मवेशियों से होने वाली परेशानी दूर कराने के लिए बीते लंबे समय से गांव में ही एक गो-आश्रय केंद्र बनवाने की मांग की भी तहसील प्रशासन अनदेखी कर रहा है।
ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी उनकी न्यायोचित मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इस परेशानी को दूर कराने के लिए जल्द ही गो-आश्रय केंद्र का निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भी मांगा गया है। भूमि चिह्नित होने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।
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प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था कि इस परेशानी से बचने के लिए उन्होंने आपसी चंदा लगाकर अस्थाई गो-आश्रय केंद्र बनवाया है लेकिन जिम्मेदारों के सुविधाएं न देने से मवेशी खेती किसानी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल मकसूद, कमला प्रसाद, राजकरन, सलाहुद्दीन, काशीराम, रामपाल, अब्दुल वहाब व छेदी इत्यादि ने बताया कि इन मवेशियों से होने वाली परेशानी दूर कराने के लिए बीते लंबे समय से गांव में ही एक गो-आश्रय केंद्र बनवाने की मांग की भी तहसील प्रशासन अनदेखी कर रहा है।
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ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी उनकी न्यायोचित मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इस परेशानी को दूर कराने के लिए जल्द ही गो-आश्रय केंद्र का निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भी मांगा गया है। भूमि चिह्नित होने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।
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