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Balrampur News: शिक्षा विभाग की आईडी से बना रहे थे फर्जी आधार कार्ड
Tue, 18 Feb 2025 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 18 Feb 2025 10:59 PM IST
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बरामद सामान।
बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील जिलों में फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में लैपटॉप व अन्य उपकरण बरामद किया है। गिरोह में सिद्धार्थनगर जिले का शिक्षामित्र महेंद्र मिश्र व उसका सहयोग गिरजेश चौधरी भी शामिल है। महेंद्र को बेसिक शिक्षा विभाग से बच्चों का आधार और अपार बनाने के लिए आईडी व पासवर्ड मिला था, जिसका प्रयोग वह जाली प्रमाणपत्र के माध्यम से आधार कार्ड बनाने में करने लगा।
हरैया सतघराव क्षेत्र के भड़सहिया में संचालित पाठक जनसेवा केंद्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने की सूचना एसपी को मिली थी। जांच में पता चला कि संचालक दिनेश पाठक फर्जी अभिलेख पर आधार व अन्य प्रमाण पत्र बना रहा है। पुलिस ने दायरा बढ़ाया तो कई जिलों से जुड़ाव मिला। अधार ही नहीं, निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र भी बनाने की बात सामने आई।
पूछताछ में पता चला कि फर्जी आधार बनाने के लिए आरोपियों ने पूरा सिस्टम खरीद लिया था। सिलिकॉन फिंगर इंप्रेशन व आइरिस स्कैनर लगाकर अपने सिस्टम पर ऑपरेटर का नाम प्रयोग करते हुए लॉगइन कर लेते थे। इसी की मदद से आधार का अपडेशन भी कर देते थे। कहीं दिक्कत होने पर एनी डेस्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से सिस्टम का एक्सेस लेकर विशेषज्ञ की भी मदद लेते थे। इसके लिए नेटिव एप की मदद लेते थे, जिसमें लॉगइन करते ही आधार अपडेशन व क्रिएशन के लिए वेबसाइट खुल जाती थी।
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जांच के बाद दर्ज हुए तीन मुकदमे
जांच के बाद तीन मामले सामने आए। इसपर हरैया सतघरवा थाने के प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिंह ने तीन मुकदमे दर्ज किए और 11 लोगों को आरोपी बनाया। हरैया निवासी सिद्धार्थ सरोज, मिथुन तिवारी, रमेश तिवारी, सिद्धार्थनगर जिले के गिरजेश चौधरी व महेंद्र मिश्र को गिरफ्तार किया गया। दूसरे मुकदमे के आरोपी दिनेश पाठक, प्रदीप पाठक निवासी पदुमचक्की भितवरिया थाना हरैया बलरामपुर, सिद्धार्थनगर के संतोष गुप्ता व सुनील यादव को पकड़ा गया। इसी तरह फर्जीवाड़े के तीसरे मुकदमे में शामिल थाना हरैया के गुलरिहा हिसामपुर व सिद्धार्थनगर के विनोद गिरि को एसओजी ने पकड़ा। इस तरह पूरे मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। एसपी ने बताया कि आधार प्राधिकरण से विवरण मांगा गया है। उसके बाद अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी।
बिना अनुमति चल रहा था जनसेवा केंद्र
हरैया सतघरवा (पांडेय का पुरवा) स्थित अरुण ऑनलाइन सर्विस सेंटर, ग्राम भड़सहिया स्थित पाठक जनसेवा केंद्र व ग्राम गुलरिहा स्थित हिसामपुर ऑनलाइन सेंटर चल रहा था। इन केंद्रों की अनुमति प्रशासन से नहीं मिली थी। नेटिव नाम के एप को इंस्टाल कर फर्जी प्रमाणपत्र बनाए जा रहे थे। एसपी ने बताया कि नेटिव एप से लॉगिन करने पर आधार अपडेशन एवं क्रिएशन की वेबसाइट खुल जाती थी। जांच में विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
जनसेवा केंद्र से मिले फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र
जनसेवा केंद्र से फर्जी आधार कार्ड भी मिले, जिसमें हीरालाल, छोटकउ, दुखराम, सहाबुद्दीन, मालिकराम, कल्लू, अनिल कुमार, दिलीप कुमार, आसमीन, मतई उर्फ धर्मराज, भारत लाल, मो. नसीम, अनीस के आधार कार्ड मिले। आधार कार्ड बनवाने के लिए 15 आवेदन पत्र भी मिले। आधार अपडेशन के लिए 11 आवेदन भी मिले।
तो नेपालियों के भी बनाए जा रहे थे आधार कार्ड
एसपी विकास कुमार ने बताया कि गिरोह के पास ऐसे संसाधन हैं जो किसी का भी आधार बना सकते हैं। आशंका है कि आरोपियों ने नेपाल के लोगों के भी आधार कार्ड बनाए हैं। डमी फिंगर प्रिंट का भी आरोपी प्रयोग करते थे। आरोपियों के पास से 14 लैपटॉप, 09 प्रिंटर, वेबकैम, आईडी स्कैन, डमी फिंगर प्रिंट, फिंगर प्रिंट स्कैनर, लेमिनेशन मशीन भी बरामद हुई है।
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हरैया सतघराव क्षेत्र के भड़सहिया में संचालित पाठक जनसेवा केंद्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने की सूचना एसपी को मिली थी। जांच में पता चला कि संचालक दिनेश पाठक फर्जी अभिलेख पर आधार व अन्य प्रमाण पत्र बना रहा है। पुलिस ने दायरा बढ़ाया तो कई जिलों से जुड़ाव मिला। अधार ही नहीं, निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र भी बनाने की बात सामने आई।
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पूछताछ में पता चला कि फर्जी आधार बनाने के लिए आरोपियों ने पूरा सिस्टम खरीद लिया था। सिलिकॉन फिंगर इंप्रेशन व आइरिस स्कैनर लगाकर अपने सिस्टम पर ऑपरेटर का नाम प्रयोग करते हुए लॉगइन कर लेते थे। इसी की मदद से आधार का अपडेशन भी कर देते थे। कहीं दिक्कत होने पर एनी डेस्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से सिस्टम का एक्सेस लेकर विशेषज्ञ की भी मदद लेते थे। इसके लिए नेटिव एप की मदद लेते थे, जिसमें लॉगइन करते ही आधार अपडेशन व क्रिएशन के लिए वेबसाइट खुल जाती थी।
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जांच के बाद दर्ज हुए तीन मुकदमे
जांच के बाद तीन मामले सामने आए। इसपर हरैया सतघरवा थाने के प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिंह ने तीन मुकदमे दर्ज किए और 11 लोगों को आरोपी बनाया। हरैया निवासी सिद्धार्थ सरोज, मिथुन तिवारी, रमेश तिवारी, सिद्धार्थनगर जिले के गिरजेश चौधरी व महेंद्र मिश्र को गिरफ्तार किया गया। दूसरे मुकदमे के आरोपी दिनेश पाठक, प्रदीप पाठक निवासी पदुमचक्की भितवरिया थाना हरैया बलरामपुर, सिद्धार्थनगर के संतोष गुप्ता व सुनील यादव को पकड़ा गया। इसी तरह फर्जीवाड़े के तीसरे मुकदमे में शामिल थाना हरैया के गुलरिहा हिसामपुर व सिद्धार्थनगर के विनोद गिरि को एसओजी ने पकड़ा। इस तरह पूरे मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। एसपी ने बताया कि आधार प्राधिकरण से विवरण मांगा गया है। उसके बाद अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी।
बिना अनुमति चल रहा था जनसेवा केंद्र
हरैया सतघरवा (पांडेय का पुरवा) स्थित अरुण ऑनलाइन सर्विस सेंटर, ग्राम भड़सहिया स्थित पाठक जनसेवा केंद्र व ग्राम गुलरिहा स्थित हिसामपुर ऑनलाइन सेंटर चल रहा था। इन केंद्रों की अनुमति प्रशासन से नहीं मिली थी। नेटिव नाम के एप को इंस्टाल कर फर्जी प्रमाणपत्र बनाए जा रहे थे। एसपी ने बताया कि नेटिव एप से लॉगिन करने पर आधार अपडेशन एवं क्रिएशन की वेबसाइट खुल जाती थी। जांच में विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
जनसेवा केंद्र से मिले फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र
जनसेवा केंद्र से फर्जी आधार कार्ड भी मिले, जिसमें हीरालाल, छोटकउ, दुखराम, सहाबुद्दीन, मालिकराम, कल्लू, अनिल कुमार, दिलीप कुमार, आसमीन, मतई उर्फ धर्मराज, भारत लाल, मो. नसीम, अनीस के आधार कार्ड मिले। आधार कार्ड बनवाने के लिए 15 आवेदन पत्र भी मिले। आधार अपडेशन के लिए 11 आवेदन भी मिले।
तो नेपालियों के भी बनाए जा रहे थे आधार कार्ड
एसपी विकास कुमार ने बताया कि गिरोह के पास ऐसे संसाधन हैं जो किसी का भी आधार बना सकते हैं। आशंका है कि आरोपियों ने नेपाल के लोगों के भी आधार कार्ड बनाए हैं। डमी फिंगर प्रिंट का भी आरोपी प्रयोग करते थे। आरोपियों के पास से 14 लैपटॉप, 09 प्रिंटर, वेबकैम, आईडी स्कैन, डमी फिंगर प्रिंट, फिंगर प्रिंट स्कैनर, लेमिनेशन मशीन भी बरामद हुई है।