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Balrampur News: कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Mon, 27 Nov 2023 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 27 Nov 2023 11:29 PM IST
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बलरामपुर। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदी व सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान ध्यान किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य की पूजा अर्चना कर बछिया के साथ ही अपनी क्षमतानुसार दान पुण्य कर भगवान से सुख समृद्धि का आशीर्वाद भी मांगा। इस पर कई जगह आयोजित मेलों का भी लोगों ने लुत्फ उठाया।
मेले में लइय्या, गट्टा के साथ सिंघाड़ा और जलेबी की खूब बिक्री हुई। ग्रामीण दुकानदारों ने दुकानें लगा रखीं थीं। सनातन धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य उपासना व अन्न आदि दान करने से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर स्थित सूर्यकुंड में स्नान करने के लिए भोर पहर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में स्नान करने के बाद मां पाटेश्वरी की पूजा अर्चना की। राप्ती नदी तट एवं शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में मुंडन संस्कार कराने के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी के चाक चौबंद इंतजाम के साथ ही जगह जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती भी रही।
कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर राप्ती नदी के तट पर मेला लगा। मेले में श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान करने के बाद भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना भी की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन का दान भी किया। मेले में लकड़ी से बनी कलात्मक वस्तुओं के अलावा हुक्का, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, शृंगार सामग्री, कृषि उपकरण व खान पान सामग्री की दुकानें लोगों को आकर्षण का विशेष केंद्र रही। इस मौके पर कई समाजसेवियों की तरफ से भी भंडारे के बतौर प्रसाद वितरण के साथ पेयजल के स्टाल भी लगाए गए।
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मेले में लइय्या, गट्टा के साथ सिंघाड़ा और जलेबी की खूब बिक्री हुई। ग्रामीण दुकानदारों ने दुकानें लगा रखीं थीं। सनातन धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य उपासना व अन्न आदि दान करने से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर स्थित सूर्यकुंड में स्नान करने के लिए भोर पहर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में स्नान करने के बाद मां पाटेश्वरी की पूजा अर्चना की। राप्ती नदी तट एवं शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में मुंडन संस्कार कराने के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी के चाक चौबंद इंतजाम के साथ ही जगह जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती भी रही।
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कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर राप्ती नदी के तट पर मेला लगा। मेले में श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान करने के बाद भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना भी की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन का दान भी किया। मेले में लकड़ी से बनी कलात्मक वस्तुओं के अलावा हुक्का, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, शृंगार सामग्री, कृषि उपकरण व खान पान सामग्री की दुकानें लोगों को आकर्षण का विशेष केंद्र रही। इस मौके पर कई समाजसेवियों की तरफ से भी भंडारे के बतौर प्रसाद वितरण के साथ पेयजल के स्टाल भी लगाए गए।
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