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कई विभागों में करोड़ो का बजट सरेंडर हुआ
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बलरामपुर। नए वित्तीय वर्ष का आगाज शुक्रवार एक अप्रैल से होगा। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन गुरुवार को अवशेष बजट राशि के खर्च को लेकर विभागीय कार्यालयों से लेकर कोषागार तक में आपाधापी रही। इस दौरान पूरे वित्तीय वर्ष में आवंटन के बाद भी बिना उपयोग रह गयी करोड़ों की बजट राशि को वापस सरेंडर करना पड़ा। सभी विभागीय कार्यालय ने अपने विभागाध्यक्षों को सरेंडर की गई धनराशि की प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन भेजी।
इस दौरान जिला कोषागार में भी देर रात तक अफसर व कर्मचारी विभागों की तरफ से प्रस्तुत करोड़ों के खर्च की बिल राशि का भुगतान कराने में जुट रहे। इस दौरान बार बार सरवर की सुस्त रफ्तार व नेटवर्क फाल्ट ने कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक को हलकान रखा।
वरिष्ठ कोषाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंतिम दिन कोषागार के सभी कार्यालय कक्षों में विभागों द्वारा प्रस्तुत ट्रेजरी बिलों का सत्यापन कर उनका भुगतान सुनिश्चित कराने का कार्य हुआ। डीएम श्रुति की तरफ से सभी विभागों के आहरण व वितरण अधिकारियों को पहले ही निर्देशित किया गया था कि प्रदेश के कोषागार में ई-पेमेंट की व्यवस्था के तहत सभी भुगतान बिल दोपहर दो बजे तक हर हाल में प्रस्तुत कर दिए जाए।
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तय मियाद के बाद किसी भी प्रकार के देयक कोषागार में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में बजट धनराशि लैप्स होने की स्थिति में आहरण व वितरण अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन काम काज के दौरान नेटवर्क फाल्ट व सरवर डाउन होने की परेशानी से भी जूझना पड़ा। इस कारण प्रस्तुत बिलों के सत्यापन से लेकर उनके भुगतान तक में काफी परेशानी उठानी पड़ी। बताया कि नए वित्तीय वर्ष 2022-23 में सीसीएल फार्मेट में बदलाव किया गया है। अब बिल भुगतान के बाद ही कोषागार में प्रस्तुत किया जाएगा।
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इस दौरान जिला कोषागार में भी देर रात तक अफसर व कर्मचारी विभागों की तरफ से प्रस्तुत करोड़ों के खर्च की बिल राशि का भुगतान कराने में जुट रहे। इस दौरान बार बार सरवर की सुस्त रफ्तार व नेटवर्क फाल्ट ने कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक को हलकान रखा।
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वरिष्ठ कोषाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंतिम दिन कोषागार के सभी कार्यालय कक्षों में विभागों द्वारा प्रस्तुत ट्रेजरी बिलों का सत्यापन कर उनका भुगतान सुनिश्चित कराने का कार्य हुआ। डीएम श्रुति की तरफ से सभी विभागों के आहरण व वितरण अधिकारियों को पहले ही निर्देशित किया गया था कि प्रदेश के कोषागार में ई-पेमेंट की व्यवस्था के तहत सभी भुगतान बिल दोपहर दो बजे तक हर हाल में प्रस्तुत कर दिए जाए।
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तय मियाद के बाद किसी भी प्रकार के देयक कोषागार में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में बजट धनराशि लैप्स होने की स्थिति में आहरण व वितरण अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन काम काज के दौरान नेटवर्क फाल्ट व सरवर डाउन होने की परेशानी से भी जूझना पड़ा। इस कारण प्रस्तुत बिलों के सत्यापन से लेकर उनके भुगतान तक में काफी परेशानी उठानी पड़ी। बताया कि नए वित्तीय वर्ष 2022-23 में सीसीएल फार्मेट में बदलाव किया गया है। अब बिल भुगतान के बाद ही कोषागार में प्रस्तुत किया जाएगा।