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राप्ती के कटान से कंगाल हो रहे अन्नदाता
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बलरामपुर। राप्ती नदी की कटान से अन्नदाता कंगाल हो रहे हैं। जिले के 34 स्थानों पर राप्ती बेशकीमती जमीनों को निगल रही है। कटान में किसानों के खेतों में खड़ी फसलें भी राप्ती में समा रही हैं। सदर व उतरौला तहसीलों में राप्ती के कटान का कहर है। कटान स्थलों पर कराए जा रहे कटानरोधी कार्य भी तबाही रोक पाने में नाकाम हैं। कटान पीड़ितों ने शासन-प्रशासन से राप्ती के कटान से सुरक्षा दिलाने की मांग की है।
गौरतलब हो कि सदर व उतरौला तहसील के गोनकोट, परसौना, परसोहिया, टेंगनहिया मानकोट, कल्यानपुर, सदानंद नौबस्ता, ज्योनार व इमिलिया खादर सहित 34 स्थानों पर राप्ती नदी कटान करके जमकर कहर बरपा रही है। बाढ़ खंड की तरफ से राप्ती के कटान स्थलों पर कटानरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। कटान प्रभावित पीड़ितों का आरोप है कि बाढ़ खंड के कटानरोधी कार्य भी राप्ती के कहर को नहीं रोक पा रहे हैं। सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव व उतरौला एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने बताया कि बाढ़ खंड की तरफ से कराए जा रहे कटानरोधी कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी परसौना गांव में राप्ती की कटान को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।
सदर तहसील में परसौना गांव के पास स्थित राजकीय अस्पताल व मंदिर को कटान से सुरक्षित करने के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य तेजी से पूरा कराने में जुटे हुए हैं। कटान स्थल पर तीन कटर का निर्माण कराया जा रहा है। बंबू क्रेट व बंबू परक्यूपाइन में मिट्टी भरी बोरियां डालकर अस्पताल व मंदिर को कटान से बचाने का कार्य किया जा रहा है। ढोढ़री गांव को राप्ती नदी की कटान से बचाने के लिए कटानरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। नयनसुखवा गांव के पास भोजपुर-शाहपुर तटबंध को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं। कल्यानपुर गांव के दाईं ओर कटान रोकने के लिए कार्य किया जा रहा है।
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महरी व गोसाईंपुरवा गांवों में भी बाढ़ खंड के अधिकारी कटानरोधी कार्य कराने में जुटे हुए हैं। उतरौला तहसील के गांनकोट गांव को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य किया जा रहा है। लालनगर विरदा में नदी व तटबंध के बीच आबादी राप्ती के कटान से पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। यहां का तटबंध कई वर्ष पहले से आंशिक क्षतिग्रस्त है। इस स्थान पर तटबंध में गैप है जिसे बलरामपुर-भड़रिया परियोजना के माध्यम से इस वर्ष गैप को भरा जा रहा है।
कटानरोधी कार्य में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
राप्ती नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की तरफ से जिले के 34 स्थानों पर कटानरोधी कार्य युद्ध स्तर पर कराए जा रहे हैं। तीनों तहसीलों के एसडीएम को कटानरोधी कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। कटानरोधी कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
- कृष्णा करुणेश, डीएम
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गौरतलब हो कि सदर व उतरौला तहसील के गोनकोट, परसौना, परसोहिया, टेंगनहिया मानकोट, कल्यानपुर, सदानंद नौबस्ता, ज्योनार व इमिलिया खादर सहित 34 स्थानों पर राप्ती नदी कटान करके जमकर कहर बरपा रही है। बाढ़ खंड की तरफ से राप्ती के कटान स्थलों पर कटानरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। कटान प्रभावित पीड़ितों का आरोप है कि बाढ़ खंड के कटानरोधी कार्य भी राप्ती के कहर को नहीं रोक पा रहे हैं। सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव व उतरौला एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने बताया कि बाढ़ खंड की तरफ से कराए जा रहे कटानरोधी कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी परसौना गांव में राप्ती की कटान को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।
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सदर तहसील में परसौना गांव के पास स्थित राजकीय अस्पताल व मंदिर को कटान से सुरक्षित करने के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य तेजी से पूरा कराने में जुटे हुए हैं। कटान स्थल पर तीन कटर का निर्माण कराया जा रहा है। बंबू क्रेट व बंबू परक्यूपाइन में मिट्टी भरी बोरियां डालकर अस्पताल व मंदिर को कटान से बचाने का कार्य किया जा रहा है। ढोढ़री गांव को राप्ती नदी की कटान से बचाने के लिए कटानरोधी कार्य कराए जा रहे हैं। नयनसुखवा गांव के पास भोजपुर-शाहपुर तटबंध को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य किए जा रहे हैं। कल्यानपुर गांव के दाईं ओर कटान रोकने के लिए कार्य किया जा रहा है।
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महरी व गोसाईंपुरवा गांवों में भी बाढ़ खंड के अधिकारी कटानरोधी कार्य कराने में जुटे हुए हैं। उतरौला तहसील के गांनकोट गांव को बचाने के लिए कटानरोधी कार्य किया जा रहा है। लालनगर विरदा में नदी व तटबंध के बीच आबादी राप्ती के कटान से पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। यहां का तटबंध कई वर्ष पहले से आंशिक क्षतिग्रस्त है। इस स्थान पर तटबंध में गैप है जिसे बलरामपुर-भड़रिया परियोजना के माध्यम से इस वर्ष गैप को भरा जा रहा है।
कटानरोधी कार्य में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
राप्ती नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की तरफ से जिले के 34 स्थानों पर कटानरोधी कार्य युद्ध स्तर पर कराए जा रहे हैं। तीनों तहसीलों के एसडीएम को कटानरोधी कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। कटानरोधी कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
- कृष्णा करुणेश, डीएम