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Balrampur News: कंप्यूटर व अंग्रेजी प्रशिक्षण गरीब बच्चों का बनेगा सहारा
Sun, 08 Sep 2024 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 08 Sep 2024 11:48 PM IST
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बलरामपुर के एमएलके महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी। स्रोत. महाविद्यालय
एमएलके महाविद्यालय सभागार में आयोजित हुआ सेमिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। दिव्यांग बच्चों के साथ ही बेटियों को भी कंप्यूटर व अंग्रेजी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एमएलके महाविद्यालय के सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का शुभारंभ गिफ्टएबल्ड फाउंडेशन की क्षेत्रीय प्रमुख शिल्पा सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ अनुसूचित जाति व जनजाति की गरीब परिवार की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष पहल की गई है। दिव्यांग बच्चों के साथ ही अनुसूचित जाति व जनजाति की बेटियों को छह माह का कंप्यूटर व अंग्रेजी विषय का प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी की जा रही है, जिससे उन्हें नौकरी दिलाकर आत्मनिर्भर बनाया जा सके। मानसी ने कंप्यूटर व अंग्रेजी प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सेमिनार के दौरान दिव्यांग बच्चों का सांकेतिक भाषा का महत्व बताया गया। सभी को सीखने का अवसर भी दिया गया। सेमिनार का आयोजन कराने में सहयोग देने पर एमएलके महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जेपी पांडेय के प्रति आभार जताया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। दिव्यांग बच्चों के साथ ही बेटियों को भी कंप्यूटर व अंग्रेजी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एमएलके महाविद्यालय के सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का शुभारंभ गिफ्टएबल्ड फाउंडेशन की क्षेत्रीय प्रमुख शिल्पा सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ अनुसूचित जाति व जनजाति की गरीब परिवार की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष पहल की गई है। दिव्यांग बच्चों के साथ ही अनुसूचित जाति व जनजाति की बेटियों को छह माह का कंप्यूटर व अंग्रेजी विषय का प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी की जा रही है, जिससे उन्हें नौकरी दिलाकर आत्मनिर्भर बनाया जा सके। मानसी ने कंप्यूटर व अंग्रेजी प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सेमिनार के दौरान दिव्यांग बच्चों का सांकेतिक भाषा का महत्व बताया गया। सभी को सीखने का अवसर भी दिया गया। सेमिनार का आयोजन कराने में सहयोग देने पर एमएलके महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जेपी पांडेय के प्रति आभार जताया गया।