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Balrampur News: लिक्विड नाइट्रोजन से बनाए बादल, छात्रों ने कराया आसमान का अनुभव
Sun, 31 May 2026 10:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 31 May 2026 10:47 PM IST
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फोटो-16-बलरामपुर के बसंतलाल इंटर कॉलेज में लिक्विड नाइट्रोजन से बनाए बादल में मस्ती करते बच्च
जरवा। स्थानीय बसंतलाल स्मारक इंटर कॉलेज बालापुर में रविवार को 36 विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन कर छात्रों और ग्रामीणों को विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया। बताया कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन, खेती, स्वास्थ्य, उद्योग और तकनीक के हर क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसका आयोजन भारत विज्ञान यात्रा-2026 एवं कॅरिअर गाइडेंस कार्यक्रम के तहत किया गया।
दिल्ली और गोरखपुर से आए वैज्ञानिक एसटी अली, दिशांक, आयुष, सत्यम और विकास ने विज्ञान को रोचक और सरल तरीके से समझाया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक प्रयोग लिक्विड नाइट्रोजन से कृत्रिम बादल और बर्फ बनाना रहा। वैज्ञानिकों ने अत्यंत कम तापमान वाली लिक्विड नाइट्रोजन का उपयोग कर कुछ ही क्षणों में धुएं जैसे बादल तैयार किए। छात्रों को इन बादलों के बीच खड़ा कर आसमान में होने का अनुभव कराया। वैज्ञानिकों ने लिक्विड नाइट्रोजन से बर्फ बनाकर भी दिखाई। उबलते तेल में पानी डालने के खतरों को दर्शाया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि तेल का क्वथनांक पानी से अधिक होता है। जब गर्म तेल में पानी पड़ता है तो पानी तत्काल भाप में परिवर्तित होकर तेल को तेजी से ऊपर उछाल देता है, जिससे आग लग सकती है। रसोई से जुड़ी कई दुर्घटनाएं इसी कारण होती हैं। एक अन्य प्रयोग में थर्माइट अभिक्रिया का प्रदर्शन किया गया, जिसका रेलवे ट्रैक की टूटी पटरियों को जोड़ने में उपयोग होता है।
छात्र हुए रोमांचित, मिली कॅरिअर की सलाह
प्रयोगों को देख रोमांचित सोनी, अबुहमजा व अन्य कई विद्यार्थियों ने कहा कि विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ गई है। कॅरिअर गाइडेंस सत्र में विद्यालय के विवेक गोयल, एसएसबी कोइलाबास चौकी प्रभारी रुम्पा, कोतवाली जरवा प्रभारी योगेश प्रताप सिंह व पूर्व प्रधानाचार्य राम कृपाल शुक्ला ने छात्रों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक वैभव, पूजा, आरती, शिल्पी, प्रधानाचार्य शब्बीर हसन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे।
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दिल्ली और गोरखपुर से आए वैज्ञानिक एसटी अली, दिशांक, आयुष, सत्यम और विकास ने विज्ञान को रोचक और सरल तरीके से समझाया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक प्रयोग लिक्विड नाइट्रोजन से कृत्रिम बादल और बर्फ बनाना रहा। वैज्ञानिकों ने अत्यंत कम तापमान वाली लिक्विड नाइट्रोजन का उपयोग कर कुछ ही क्षणों में धुएं जैसे बादल तैयार किए। छात्रों को इन बादलों के बीच खड़ा कर आसमान में होने का अनुभव कराया। वैज्ञानिकों ने लिक्विड नाइट्रोजन से बर्फ बनाकर भी दिखाई। उबलते तेल में पानी डालने के खतरों को दर्शाया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि तेल का क्वथनांक पानी से अधिक होता है। जब गर्म तेल में पानी पड़ता है तो पानी तत्काल भाप में परिवर्तित होकर तेल को तेजी से ऊपर उछाल देता है, जिससे आग लग सकती है। रसोई से जुड़ी कई दुर्घटनाएं इसी कारण होती हैं। एक अन्य प्रयोग में थर्माइट अभिक्रिया का प्रदर्शन किया गया, जिसका रेलवे ट्रैक की टूटी पटरियों को जोड़ने में उपयोग होता है।
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छात्र हुए रोमांचित, मिली कॅरिअर की सलाह
प्रयोगों को देख रोमांचित सोनी, अबुहमजा व अन्य कई विद्यार्थियों ने कहा कि विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ गई है। कॅरिअर गाइडेंस सत्र में विद्यालय के विवेक गोयल, एसएसबी कोइलाबास चौकी प्रभारी रुम्पा, कोतवाली जरवा प्रभारी योगेश प्रताप सिंह व पूर्व प्रधानाचार्य राम कृपाल शुक्ला ने छात्रों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय निदेशक वैभव, पूजा, आरती, शिल्पी, प्रधानाचार्य शब्बीर हसन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे।
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