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Balrampur News: कक्षा पांच से आठ तक एनसीईआरटी की नई किताबों से होगी पढ़ाई
Thu, 30 Jul 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:58 PM IST
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बलरामपुर के परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई करते विद्यार्थी।
बलरामपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2027-28 से कक्षा पांच से आठ तक उत्तर प्रदेश की पुरानी पुस्तकों की जगह एनसीईआरटी की नई किताबों से पढ़ाई होगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को 30 सितंबर तक विद्यार्थियों के सत्यापित नामांकन का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी आधार पर जिले के लिए पुस्तकों की मांग शासन को भेजी जाएगी।
नई शिक्षा व्यवस्था में पहली बार कक्षा पांच से ही बच्चों को कौशल बोध के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों, तकनीकी कौशल, उद्यमिता और जीवनोपयोगी दक्षताओं की जानकारी दी जाएगी। शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को कौशल की बुनियादी समझ विकसित कराई जाएगी, जबकि आगे चलकर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
एनसीईआरटी की नई पुस्तकों के नाम भी बच्चों में उत्सुकता जगा रहे हैं। कक्षा पांच में वीणा, बांसुरी, गणित मेला, खेल योग जैसी पुस्तकें होंगी, जबकि कक्षा छह में मल्हार, दीपकम, गणित प्रकाश, पूर्वी, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा पढ़ाई जाएगी। कक्षा सात और आठ में जिज्ञासा, समाज का अध्ययन, एक्सप्लोरिंग सोसायटी, गणित प्रकाश, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा जैसी पुस्तकें शामिल होंगी। इन पुस्तकों का फोकस रटने के बजाय समझ, प्रयोग और रचनात्मकता पर रहेगा।
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जिला स्तर पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। 30 सितंबर तक तैयार होने वाली नामांकन रिपोर्ट के आधार पर ही पुस्तकों की संख्या तय होगी, ताकि किसी भी छात्र को किताबों की कमी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग का मानना है कि सटीक नामांकन से समय पर पुस्तक वितरण भी सुनिश्चित होगा।
बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नई पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की पाठ्य सामग्री, गतिविधि आधारित शिक्षण और कौशल विकास का अवसर मिलेगा। समय पर नामांकन पूरा होने से सभी छात्रों को सत्र शुरू होने के साथ पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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नई शिक्षा व्यवस्था में पहली बार कक्षा पांच से ही बच्चों को कौशल बोध के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों, तकनीकी कौशल, उद्यमिता और जीवनोपयोगी दक्षताओं की जानकारी दी जाएगी। शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को कौशल की बुनियादी समझ विकसित कराई जाएगी, जबकि आगे चलकर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
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एनसीईआरटी की नई पुस्तकों के नाम भी बच्चों में उत्सुकता जगा रहे हैं। कक्षा पांच में वीणा, बांसुरी, गणित मेला, खेल योग जैसी पुस्तकें होंगी, जबकि कक्षा छह में मल्हार, दीपकम, गणित प्रकाश, पूर्वी, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा पढ़ाई जाएगी। कक्षा सात और आठ में जिज्ञासा, समाज का अध्ययन, एक्सप्लोरिंग सोसायटी, गणित प्रकाश, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा जैसी पुस्तकें शामिल होंगी। इन पुस्तकों का फोकस रटने के बजाय समझ, प्रयोग और रचनात्मकता पर रहेगा।
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जिला स्तर पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। 30 सितंबर तक तैयार होने वाली नामांकन रिपोर्ट के आधार पर ही पुस्तकों की संख्या तय होगी, ताकि किसी भी छात्र को किताबों की कमी का सामना न करना पड़े। शिक्षा विभाग का मानना है कि सटीक नामांकन से समय पर पुस्तक वितरण भी सुनिश्चित होगा।
बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नई पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की पाठ्य सामग्री, गतिविधि आधारित शिक्षण और कौशल विकास का अवसर मिलेगा। समय पर नामांकन पूरा होने से सभी छात्रों को सत्र शुरू होने के साथ पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकेंगी।