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Balrampur News: जनगणना में जाति भी पूछी जाएगी
Thu, 17 Sep 2026 10:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 17 Sep 2026 10:45 PM IST
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बलरामपुर। जनगणना-2027 में इस बार जिले के परिवारों का सिर्फ संख्या के तौर पर ब्योरा नहीं जुटेगा, बल्कि लोगों से उनकी जाति की जानकारी भी ली जाएगी। खास बात यह है कि जाति के लिए किसी निर्धारित सूची में से नाम चुनने के बजाय व्यक्ति जो जाति बताएगा, वही दर्ज की जाएगी। जाति की जानकारी नहीं देने की इच्छा रखने वालों के लिए भी व्यवस्था में विकल्प रहेगा। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला और चार्ज स्तर के अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ।
जिले में दूसरे चरण के लिए करीब 5100 प्रगणना ब्लॉक बनाए जाएंगे। प्रत्येक प्रगणक को एक निर्धारित क्षेत्र दिया जाएगा और वह उसी क्षेत्र के घर-घर पहुंचकर परिवार और सदस्यों का ब्योरा मोबाइल एप पर दर्ज करेगा। शहर से लेकर गांव तक कोई घर छूटे नहीं, इसके लिए प्रगणना क्षेत्रवार काम कराया जाएगा।
जनगणना में पहली बार स्व-गणना की सुविधा भी दी जा रही है। जिले में उपलब्ध प्रशिक्षण जानकारी के मुताबिक 30 सितंबर तक लोग स्वयं और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित जानकारी का सत्यापन जनगणना प्रक्रिया में किया जाएगा।
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जनसंख्या गणना का फील्ड वर्क एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है। इस दौरान प्रगणक मोबाइल एप के जरिए परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करेंगे। डिजिटल व्यवस्था के कारण कागज और रजिस्टर की जगह मौके पर ही मोबाइल एप में जानकारी दर्ज की जाएगी।
40 सवालों में तैयार होगा परिवार का पूरा ब्योरा
जनगणना के दूसरे चरण में परिवार के सदस्यों से नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा और व्यवसाय समेत विभिन्न जानकारियां ली जाएंगी। उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इस बार जाति संबंधी सवाल भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
2011 में 21.48 लाख थी जिले की आबादी
2011 की जनगणना के मुताबिक बलरामपुर जिले की आबादी 21,48,795 थी। जिले में नौ विकासखंड और 1017 गांव हैं। अब करीब डेढ़ दशक बाद होने वाली जनगणना से जिले की आबादी, परिवारों की संख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार और अन्य जनसांख्यिकीय स्थिति की नई तस्वीर सामने आएगी। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना में आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्धता पर जोर दिया।
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जिले में दूसरे चरण के लिए करीब 5100 प्रगणना ब्लॉक बनाए जाएंगे। प्रत्येक प्रगणक को एक निर्धारित क्षेत्र दिया जाएगा और वह उसी क्षेत्र के घर-घर पहुंचकर परिवार और सदस्यों का ब्योरा मोबाइल एप पर दर्ज करेगा। शहर से लेकर गांव तक कोई घर छूटे नहीं, इसके लिए प्रगणना क्षेत्रवार काम कराया जाएगा।
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जनगणना में पहली बार स्व-गणना की सुविधा भी दी जा रही है। जिले में उपलब्ध प्रशिक्षण जानकारी के मुताबिक 30 सितंबर तक लोग स्वयं और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित जानकारी का सत्यापन जनगणना प्रक्रिया में किया जाएगा।
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जनसंख्या गणना का फील्ड वर्क एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है। इस दौरान प्रगणक मोबाइल एप के जरिए परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करेंगे। डिजिटल व्यवस्था के कारण कागज और रजिस्टर की जगह मौके पर ही मोबाइल एप में जानकारी दर्ज की जाएगी।
40 सवालों में तैयार होगा परिवार का पूरा ब्योरा
जनगणना के दूसरे चरण में परिवार के सदस्यों से नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा और व्यवसाय समेत विभिन्न जानकारियां ली जाएंगी। उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इस बार जाति संबंधी सवाल भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
2011 में 21.48 लाख थी जिले की आबादी
2011 की जनगणना के मुताबिक बलरामपुर जिले की आबादी 21,48,795 थी। जिले में नौ विकासखंड और 1017 गांव हैं। अब करीब डेढ़ दशक बाद होने वाली जनगणना से जिले की आबादी, परिवारों की संख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार और अन्य जनसांख्यिकीय स्थिति की नई तस्वीर सामने आएगी। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना में आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्धता पर जोर दिया।