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Balrampur News: भाजपा ने एमएलसी साकेत मिश्र को बनाया श्रावस्ती से प्रत्याशी
Sat, 02 Mar 2024 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 02 Mar 2024 11:45 PM IST
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बलरामपुर। भाजपा ने विधान परिषद सदस्य और पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्र को श्रावस्ती सीट से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया है। इससे इस सीट पर प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है। राम जन्मभूमि निर्माण समिति के अध्यक्ष व पूर्व में पीएम के प्रधान सचिव रहे नृपेंद्र मिश्र के पुत्र साकेत मिश्र बीते पांच सालों से श्रावस्ती क्षेत्र में सक्रिय हैं। भाजपा ने उनको टिकट देकर मंडल के चारो संसदीय सीटों पर समीकरण साधने का काम भी किया है।
देवरिया जिले के मूल निवासी साकेत मिश्र का ननिहाल श्रावस्ती में हैं। साकेत के नाना पंडित बदलूराम शुक्ल बहराइच से 1971 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे। ऐसे में उनको टिकट देकर पार्टी ने एक बड़ा संदेश भी दिया है। साकेत ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के बाद भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कोलकाता से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की। वह 1994 में आईपीएम बने लेकिन फाइनेंस सेक्टर में गहन रुचि होने के कारण बाद में उन्होंने पुलिस की सेवा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने जर्मनी के ड्यूस बैंक में नौकरी शुरू की। 16 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई इंटरनेशनल बैंकों में काम किया।
वर्ष 2019 में वह श्रावस्ती पहुंचे और लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने 100 से अधिक सभाएं की और माहौल बनाया। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, इसके बाद योगी सरकार ने उन्हें पूर्वांचल विकास बोर्ड का सलाहकार बना दिया। कुछ माह पूर्व ही उन्हें एमएलसी भी बनाया गया है।
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देवरिया जिले के मूल निवासी साकेत मिश्र का ननिहाल श्रावस्ती में हैं। साकेत के नाना पंडित बदलूराम शुक्ल बहराइच से 1971 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे। ऐसे में उनको टिकट देकर पार्टी ने एक बड़ा संदेश भी दिया है। साकेत ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के बाद भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कोलकाता से मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की। वह 1994 में आईपीएम बने लेकिन फाइनेंस सेक्टर में गहन रुचि होने के कारण बाद में उन्होंने पुलिस की सेवा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने जर्मनी के ड्यूस बैंक में नौकरी शुरू की। 16 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई इंटरनेशनल बैंकों में काम किया।
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वर्ष 2019 में वह श्रावस्ती पहुंचे और लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने 100 से अधिक सभाएं की और माहौल बनाया। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, इसके बाद योगी सरकार ने उन्हें पूर्वांचल विकास बोर्ड का सलाहकार बना दिया। कुछ माह पूर्व ही उन्हें एमएलसी भी बनाया गया है।
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