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Balrampur News: कल की बंदी से केमिस्ट एसोसिएशन बलरामपुर ने बनाई दूरी
Mon, 18 May 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 18 May 2026 10:52 PM IST
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फोटो-11-बलरामपुर में आयोजित बैठक के दौरान मौजूद केमिस्ट एसोसिएशन बलरामपुर के पदाधिकारी ।-स्र
बलरामपुर। 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा बंदी को लेकर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन बलरामपुर ने बड़ा फैसला लेते हुए इस बंदी से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। संगठन ने कहाकि जनहित और मरीजों की सुविधा को देखते हुए जिले की सभी दवा दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी।
इस संबंध में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी मरीज को दवाओं की कमी के कारण परेशान न होना पड़े, इसलिए बंदी का समर्थन नहीं किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में दवा व्यापार कई चुनौतियों से गुजर रहा है, जिनमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर डिस्काउंट और ई-फार्मेसी का बढ़ता प्रभाव प्रमुख है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि बंदी समस्या का समाधान नहीं है।
बैठक में नकली एवं डुप्लीकेट दवाओं की बढ़ती समस्या पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। अध्यक्ष रघुनाथ अग्रवाल ने कहाकि मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन को कड़े अभियान चलाने चाहिए। कहा कि दवा व्यापार आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की बंदी से सीधे तौर पर मरीजों के जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है।
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इस संबंध में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी मरीज को दवाओं की कमी के कारण परेशान न होना पड़े, इसलिए बंदी का समर्थन नहीं किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में दवा व्यापार कई चुनौतियों से गुजर रहा है, जिनमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर डिस्काउंट और ई-फार्मेसी का बढ़ता प्रभाव प्रमुख है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि बंदी समस्या का समाधान नहीं है।
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बैठक में नकली एवं डुप्लीकेट दवाओं की बढ़ती समस्या पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। अध्यक्ष रघुनाथ अग्रवाल ने कहाकि मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन को कड़े अभियान चलाने चाहिए। कहा कि दवा व्यापार आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की बंदी से सीधे तौर पर मरीजों के जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है।
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