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Balrampur News: मंडल में खुलेगा एंटी करप्शन कोर्ट, बंद होगी गोरखपुर की दौड़

Thu, 23 Oct 2025 10:19 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Oct 2025 10:19 PM IST
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Anti-corruption court will open in the division, the race to Gorakhpur will end.
बलरामपुर। अब भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जिले के लोगों को गोरखपुर नहीं जाना पड़ेगा। देवीपाटन मंडल मुख्यालय गोंडा में भ्रष्टाचार निरोधक अदालत (एंटी करप्शन कोर्ट) की स्थापना की जाएगी। शासन ने 16 अक्तूबर को इसका आदेश जारी किया है। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद के आदेश पर थानों में एंटी करप्शन से जुड़े मामलों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।
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नई अदालत में एडीजे/विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट की तैनाती होगी। यह अदालत प्रदेश सरकार के राजपत्रित अधिकारियों, नेताओं, पुलिस, प्रशासनिक और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों की सुनवाई करेगी। अभी तक देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के भ्रष्टाचार मामलों की सुनवाई गोरखपुर की एंटी करप्शन कोर्ट में होती थी। आरोपियों को पेशी के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी होती थी बल्कि जांच में भी देरी होती थी। नई अदालत बनने के बाद जांच और पेशी दोनों में तेजी आने की उम्मीद है। गोंडा में अदालत बन जाने से भ्रष्टाचार मामलों की सुनवाई नजदीक होगी। इससे पीड़ितों और जांच एजेंसियों दोनों को राहत मिलेगी, और भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से न्याय मिल सकेगा। (संवाद)
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हर साल 12 से ज्यादा भ्रष्टाचारी होते हैं गिरफ्तार
एंटी करप्शन थाना गोंडा देवीपाटन मंडल का मुख्यालय है। बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में एंटी करप्शन यूनिट सक्रिय हैं। हर साल औसतन 50 से अधिक शिकायतें आती हैं, जिनमें काम के बदले रुपये मांगने या अवैध वसूली के मामले प्रमुख हैं। इन मामलों में हर साल 12 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी गिरफ्त में आते हैं। चारों जिलों के तहसील, विकास, शिक्षा आदि विभाग में भ्रष्टाचार के मामले बीते वर्षों में सामने आ चुके हैं। अब इनमें साक्ष्य और गवाही पेश करने में आसानी हो सकेगी।
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जिले के भ्रष्टाचार के चर्चित मामलों को गोरखपुर में हो रही है सुनवाई
जिले में भ्रष्टाचार से जुड़े चर्चित मामलों की सुनवाई गोरखपुर में हो रही है। 6 सितंबर 2023 को नेपाल जा रहे युवकों से वसूली का मामला काफी चर्चित रहा है। जरवा पुलिस ने दो सिपाहियों राजू यादव और ध्रुवचंद को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने नेपाल जा रहे हकीम खान से 28,000 रुपये की वसूली की थी। इसी तरह 11 जनवरी 2024 को होमगार्ड विभाग में रिश्वतखोरी का खेल उजागर हुआ था। एंटी करप्शन टीम ने ब्लॉक ऑर्गनाइजर अयोध्या प्रसाद ओझा को सदर तहसील परिसर से 15,000 रुपये लेते रंगेहाथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि यह रिश्वत होमगार्ड लालता प्रसाद को ड्यूटी पर बहाल कराने के लिए ली जा रही थी। जांच में जिला कमांडेंट चंदन सिंह और सहायक कमांडेंट मनिराम भार्गव की भूमिका भी उजागर हुई। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक मामले हैं, जिनकी सुनवाई गोरखपुर में ही चल रही है।


कोर्ट बनने से मिलेगी सुविधा

प्रमुख सचिव गृह ने 16 अक्तूबर को कोर्ट स्थापित करने का आदेश दिया है। इससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई अब गोंडा में ही हो सकेगी। इससे काफी सहूलियत मिलेगी। अभी सुनवाई के लिए गोरखपुर जाना पड़ता था।
- धनंजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक एंटी करप्शन थाना गोंडा
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