फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Allegations of bias against officials in providing benefits to a favorite women group memorandum submitted to

बलरामपुर रामानुजगंज: चहेते महिला समूह को लाभ पहुंचाने अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Sun, 12 Oct 2025 05:47 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 12 Oct 2025 05:47 PM IST
सार

बलरामपुर रामानुजगंज जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती मरीजों और प्रसूता महिलाओं के लिए भोजन आपूर्ति कार्य हेतु वर्ष 2025-26 की निविदा प्रक्रिया अब विवादों में घिर गई है।

विज्ञापन
Allegations of bias against officials in providing benefits to a favorite women group memorandum submitted to
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर रामानुजगंज जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती मरीजों और प्रसूता महिलाओं के लिए भोजन आपूर्ति कार्य हेतु वर्ष 2025-26 की निविदा प्रक्रिया अब विवादों में घिर गई है। जिले की कई महिला स्वयं सहायता समूहों ने निविदा में अनियमितता, नियमों की अवहेलना और पक्षपात का आरोप लगाते हुए कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपा है। महिला समूहों ने आरोप लगाया है कि सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा जारी निविदा क्रमांक 1100 दिनांक 04 सितंबर 2025 को नियमों को ताक पर रखकर कुछ विशेष महिला समूहों को लाभ पहुंचाने की नीयत से पूरी प्रक्रिया को अंधेरे में अंजाम दिया गया।

विज्ञापन


देर रात खोली गई निविदा, पारदर्शिता पर सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निविदा को नियत समय शाम 4 बजे खोलने की बजाय रात्रि 8 बजे से 11 बजे के बीच गुपचुप तरीके से खोला गया, जिससे केवल चहेते समूहों को ही शामिल किया जा सके। इतना ही नहीं, निविदा प्रक्रिया जिला अस्पताल की बजाय जिला पंचायत कार्यालय में की गई और बाकी समूहों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
विज्ञापन


दस्तावेजों की अनदेखी, अपात्र को पात्र बनाया
नियमों के अनुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत जारी जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र अनिवार्य था, लेकिन चयनित महिला समूह द्वारा यह दस्तावेज निविदा प्रकाशन के बाद बनवाया गया। बावजूद इसके उन्हें पात्र मानते हुए चयन कर लिया गया। दूसरी ओर, जिन समूहों ने वैध दस्तावेज लगाए थे, उन्हें तकनीकी खामियों का हवाला देकर बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


फार्मासिस्ट शशि गुप्ता पर गंभीर आरोप
महिला समूहों ने चयन समिति के सदस्य शशि गुप्ता (फार्मासिस्ट) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, निविदा जारी करने से पहले ही उन्होंने पूर्व नियोजित महिला समूह को दस्तावेज तैयार करने की मौखिक सूचना दे दी थी। यही नहीं, चयनित समूहों का संचालन एक ही व्यक्ति के द्वारा किया जा रहा है, जो कथित रूप से शशि गुप्ता का रिश्तेदार है।

सभी 21 निविदाकारों में से 14 को मनमाने तरीके से किया गया अपात्र
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुल 21 निविदाकारों में से 14 को केवल ESI प्रमाण पत्र की कमी का हवाला देकर अपात्र करार दिया गया, जबकि वे सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर चुके थे। महिला समूहों ने इसे पूर्व नियोजित मिलीभगत और नियमों की अवहेलना बताया है।


महिला समूहों की प्रमुख मांगें
वर्तमान निविदा को तत्काल निरस्त किया जाए।
निविदा प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
शशि गुप्ता को जीवन दीप समिति से हटाया जाए।
पुनः निष्पक्ष और पारदर्शी निविदा जारी की जाए।

सिविल सर्जन शशांक गुप्ता ने कहा नियमानुसार निविदा खोली गई है पूरी पारदर्शिता बरती गई है। शाम 4 बजे से तीन अलग-अलग निविदाय थी जिसको खोलने में रात्रि 9:30 से 10:00 बज गए थे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed