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Balrampur News: 151 करोड़ की योजना, फिर भी 21 किमी सड़क गड्ढों में
Fri, 11 Sep 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:23 PM IST
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फोटो- 20- पचपेड़वा क्षेत्र में विशुनपुर विश्राम के पास बदहाल सड़क। संवाद
बलरामपुर। उतरौला-पचपेड़वा-चंदनपुर मार्ग के 21.15 किलोमीटर हिस्से में सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। कहीं डामर उखड़ चुका है तो कहीं सड़क की पूरी सतह ही गायब है। ऐसे में वाहनों के पहिए गड्ढों में धंसते हैं और राहगीरों को बच-बचाकर निकलना पड़ता है।
यह मार्ग अयोध्या जाने का प्रमुख रास्ता है। साथ ही तुलसीपुर और उतरौला तहसील के लोगों को अयोध्या से जोड़ता है। चंदनपुर के आगे थारू बाहुल्य करीब 70 गांवों और नेपाल सीमा तक पहुंचने के लिए भी यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। विभागीय जानकारी के अनुसार, सड़क की बदहाली से करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित है।
सड़क की खराब हालत का मामला अब हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है। क्षेत्र के महेंद्र कुमार त्रिपाठी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।
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अदालत में मामला पहुंचने के बावजूद विभाग फिलहाल सड़क के स्थायी समाधान के बजाय पैचवर्क की तैयारी कर रहा है। 17.700 से 38.850 किमी तक के 21.15 किमी हिस्से की मरम्मत के लिए 78.08 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सवाल यही है कि जिस सड़क को चौड़ा और बेहतर बनाने की योजना पहले ही बन चुकी थी, वहां अब केवल गड्ढे भरने की तैयारी क्यों की जा रही है।
78 लाख में 21.15 किमी का पैचवर्क
विभाग ने सड़क के 21.15 किमी हिस्से की पैच मरम्मत के लिए 78.08 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 8.30 किमी हिस्से के लिए 38.74 लाख और 12.85 किमी के लिए 39.34 लाख रुपये प्रस्तावित हैं। प्रस्ताव अगस्त में शासन को भेजा गया है। यानी सड़क की मौजूदा स्थिति सुधारने के लिए फिलहाल पैचवर्क पर जोर है। जबकि कई जगह सड़क की चौड़ाई महज तीन मीटर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पैचवर्क से सड़क की हालत कितने समय तक सुधरेगी और क्या इससे यातायात का दबाव कम होगा।
पहले सात मीटर चौड़ी होनी थी सड़क
सड़क की बदहाली पुरानी है। 2022 में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भी चंदनपुर-अयोध्या मार्ग को बेहद खराब बताया गया था। तब तत्काल गड्ढों की मरम्मत के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद करीब 38 किमी सड़क को सात मीटर चौड़ा करने की योजना बनी। 2023 में इसके लिए करीब 151 करोड़ रुपये के प्राक्कलन को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई थी। जनवरी 2025 की रिपोर्ट में भी नेपाल सीमा से अयोध्या तक सड़क को बेहतर संपर्क मार्ग बनाने और सात मीटर चौड़ीकरण के लिए 151 करोड़ रुपये की स्वीकृति का उल्लेख था। इसके बावजूद सड़क की मौजूदा हालत बताती है कि चौड़ीकरण की योजना का जमीन पर कितना असर हुआ, यह बड़ा सवाल है।
सड़क टूटी तो गांवों की रफ्तार भी थमी
स्थानीय लोगों मंगल थारू, राम मनोहर थारू, विश्राम चौधरी, अविनाश चौधरी, विजय सिंह, सलमान खान और अनूप पाल सिंह का कहना है कि सड़क खराब होने से रोज का सफर मुश्किल हो गया है। मरीजों को अस्पताल ले जाने में समय लगता है। बच्चों को स्कूल पहुंचाना मुश्किल होता है। किसानों को उपज बाजार तक ले जाने में अधिक समय और खर्च लगता है। बारिश में परेशानी और बढ़ जाती है। यह मार्ग बलरामपुर के गांवों के साथ सिद्धार्थनगर, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, श्रावस्ती, बहराइच और प्रयागराज की ओर जाने वाले रास्तों से भी जुड़ता है। चंदनपुर के आगे थारू बाहुल्य गांवों और नेपाल सीमा तक पहुंचने के लिए भी यह अहम मार्ग है।
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यह मार्ग अयोध्या जाने का प्रमुख रास्ता है। साथ ही तुलसीपुर और उतरौला तहसील के लोगों को अयोध्या से जोड़ता है। चंदनपुर के आगे थारू बाहुल्य करीब 70 गांवों और नेपाल सीमा तक पहुंचने के लिए भी यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। विभागीय जानकारी के अनुसार, सड़क की बदहाली से करीब पांच लाख की आबादी प्रभावित है।
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सड़क की खराब हालत का मामला अब हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है। क्षेत्र के महेंद्र कुमार त्रिपाठी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।
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अदालत में मामला पहुंचने के बावजूद विभाग फिलहाल सड़क के स्थायी समाधान के बजाय पैचवर्क की तैयारी कर रहा है। 17.700 से 38.850 किमी तक के 21.15 किमी हिस्से की मरम्मत के लिए 78.08 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सवाल यही है कि जिस सड़क को चौड़ा और बेहतर बनाने की योजना पहले ही बन चुकी थी, वहां अब केवल गड्ढे भरने की तैयारी क्यों की जा रही है।
78 लाख में 21.15 किमी का पैचवर्क
विभाग ने सड़क के 21.15 किमी हिस्से की पैच मरम्मत के लिए 78.08 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 8.30 किमी हिस्से के लिए 38.74 लाख और 12.85 किमी के लिए 39.34 लाख रुपये प्रस्तावित हैं। प्रस्ताव अगस्त में शासन को भेजा गया है। यानी सड़क की मौजूदा स्थिति सुधारने के लिए फिलहाल पैचवर्क पर जोर है। जबकि कई जगह सड़क की चौड़ाई महज तीन मीटर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पैचवर्क से सड़क की हालत कितने समय तक सुधरेगी और क्या इससे यातायात का दबाव कम होगा।
पहले सात मीटर चौड़ी होनी थी सड़क
सड़क की बदहाली पुरानी है। 2022 में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भी चंदनपुर-अयोध्या मार्ग को बेहद खराब बताया गया था। तब तत्काल गड्ढों की मरम्मत के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद करीब 38 किमी सड़क को सात मीटर चौड़ा करने की योजना बनी। 2023 में इसके लिए करीब 151 करोड़ रुपये के प्राक्कलन को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई थी। जनवरी 2025 की रिपोर्ट में भी नेपाल सीमा से अयोध्या तक सड़क को बेहतर संपर्क मार्ग बनाने और सात मीटर चौड़ीकरण के लिए 151 करोड़ रुपये की स्वीकृति का उल्लेख था। इसके बावजूद सड़क की मौजूदा हालत बताती है कि चौड़ीकरण की योजना का जमीन पर कितना असर हुआ, यह बड़ा सवाल है।
सड़क टूटी तो गांवों की रफ्तार भी थमी
स्थानीय लोगों मंगल थारू, राम मनोहर थारू, विश्राम चौधरी, अविनाश चौधरी, विजय सिंह, सलमान खान और अनूप पाल सिंह का कहना है कि सड़क खराब होने से रोज का सफर मुश्किल हो गया है। मरीजों को अस्पताल ले जाने में समय लगता है। बच्चों को स्कूल पहुंचाना मुश्किल होता है। किसानों को उपज बाजार तक ले जाने में अधिक समय और खर्च लगता है। बारिश में परेशानी और बढ़ जाती है। यह मार्ग बलरामपुर के गांवों के साथ सिद्धार्थनगर, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, श्रावस्ती, बहराइच और प्रयागराज की ओर जाने वाले रास्तों से भी जुड़ता है। चंदनपुर के आगे थारू बाहुल्य गांवों और नेपाल सीमा तक पहुंचने के लिए भी यह अहम मार्ग है।

फोटो- 20- पचपेड़वा क्षेत्र में विशुनपुर विश्राम के पास बदहाल सड़क। संवाद