{"_id":"5e063ef18ebc3e87e915d456","slug":"48-thousand-families-benefit-from-the-self-employment-scheme-balrampur-news-lko4999782172","type":"story","status":"publish","title_hn":"48 हजार परिवारों को स्वरोजगार योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
48 हजार परिवारों को स्वरोजगार योजना का लाभ
विज्ञापन
बलरामपुर। सीडीओ अमनदीप डुली की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े अफसरों व अन्य की बैठक की गई। बैठक में 31 दिसंबर को प्रेरणा दिवस मनाए जाने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक से नदारद जिला उद्यान अधिकारी, उप कृषि निदेशक व उपायुक्त का एक-एक दिन का वेतन काटने का निर्देश सीडीओ ने दिया है।
उपायुक्त एनआरएलएम सूबेदार सिंह यादव ने कहा कि 31 दिसंबर को एमपीपी इंटर कॉलेज में प्रेरणा दिवस के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगाए जाएंगे। 19 विभागों की तरफ से 26 स्टॉलों के इंतजाम किए जा रहे हैं। 1500 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रेरणा दिवस के दौरान आत्मनिर्भर बनने के संबंध में जानकारियां दी जाएंगी।
जिले में अब तक 330 गांवों में 3800 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। 48000 परिवारों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं को मुर्गी पालन, बकरी पालन व सिलाई-कढ़ाई आदि के रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे है जिससे सशक्त व आर्थिक रुप से महिलाएं मजबूत हो रही है। इन्हीं बिंदुओं पर प्रेरणा दिवस में अधिक से अधिक महिलाओं को जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
सीडीओ ने कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य व रेशम विभाग के अफसरों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार दिलाने, वन ग्राम में थारु जनजाति को विशेष रुप से हैंडी क्राप्ट जैसी वस्तुओं को बनाए जाने के प्रति प्रेरित कराने का निर्देश दिया। हस्त निर्मित वस्तुओं की अच्छी ब्रांडिंग करके बेंचा जाएगा जिससे अच्छी कीमत प्राप्त करके थारु जनजाति की महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाया जाए।
विज्ञापन
उपायुक्त एनआरएलएम सूबेदार सिंह यादव ने कहा कि 31 दिसंबर को एमपीपी इंटर कॉलेज में प्रेरणा दिवस के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगाए जाएंगे। 19 विभागों की तरफ से 26 स्टॉलों के इंतजाम किए जा रहे हैं। 1500 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रेरणा दिवस के दौरान आत्मनिर्भर बनने के संबंध में जानकारियां दी जाएंगी।
विज्ञापन
जिले में अब तक 330 गांवों में 3800 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। 48000 परिवारों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं को मुर्गी पालन, बकरी पालन व सिलाई-कढ़ाई आदि के रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे है जिससे सशक्त व आर्थिक रुप से महिलाएं मजबूत हो रही है। इन्हीं बिंदुओं पर प्रेरणा दिवस में अधिक से अधिक महिलाओं को जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
सीडीओ ने कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य व रेशम विभाग के अफसरों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार दिलाने, वन ग्राम में थारु जनजाति को विशेष रुप से हैंडी क्राप्ट जैसी वस्तुओं को बनाए जाने के प्रति प्रेरित कराने का निर्देश दिया। हस्त निर्मित वस्तुओं की अच्छी ब्रांडिंग करके बेंचा जाएगा जिससे अच्छी कीमत प्राप्त करके थारु जनजाति की महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाया जाए।