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जैविक खाद व गोमूत्र से दे खेती को बढ़ावा
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:48 PM IST
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जैविक खाद व गोमूत्र से दें खेती को बढ़ावा : राघवेंद्र
बलरामपुर। जैविक खाद व गोमूत्र, बेसन व बरगद के पेड़ के नीचे की मिट्टी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी है। रसायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के प्रयोग से होने वाला अनाज उत्पादन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा नहीं है। फसलों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाकर प्रधानमंत्री ने इतिहास रच दिया है।
यह बातें मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में किसान कल्याण सम्मेलन व गोष्ठी को संबोधित करते हुए सूबे के कृषि राज्य मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित कर रही है। रसायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के उपयोग से पैदा होने वाला अनाज तमाम बीमारियों को जन्म देता है।
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पैसे की बर्बादी होती है तथा खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम हो रही है। एक समय ऐसा आएगा जब लोग जैविक खेती करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदेश सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्घ है।
खेती में विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद दद्दन मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, गैसड़ी विधायक शैलेश सिंह शैलू तथा तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने किसानों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, विधायक श्रावस्ती रामफेरन पांडेय, अजय सिंह पिंकू, कुसुम चौहान, डीपी सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह, अपूर्व प्रताप सिंह, आकाश पांडेय, अपर जिलाधिकारी एके शुक्ल, कृषि निदेशक राम बचन राम व कृषि अधिकारी मंजीत कुमार समेत तमाम अफसर व किसान मौजूद रहे।
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बलरामपुर। जैविक खाद व गोमूत्र, बेसन व बरगद के पेड़ के नीचे की मिट्टी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी है। रसायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के प्रयोग से होने वाला अनाज उत्पादन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा नहीं है। फसलों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाकर प्रधानमंत्री ने इतिहास रच दिया है।
यह बातें मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में किसान कल्याण सम्मेलन व गोष्ठी को संबोधित करते हुए सूबे के कृषि राज्य मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने कही।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित कर रही है। रसायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के उपयोग से पैदा होने वाला अनाज तमाम बीमारियों को जन्म देता है।
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पैसे की बर्बादी होती है तथा खेतों की उर्वरा शक्ति भी कम हो रही है। एक समय ऐसा आएगा जब लोग जैविक खेती करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदेश सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्घ है।
खेती में विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद दद्दन मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, गैसड़ी विधायक शैलेश सिंह शैलू तथा तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने किसानों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, विधायक श्रावस्ती रामफेरन पांडेय, अजय सिंह पिंकू, कुसुम चौहान, डीपी सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह, अपूर्व प्रताप सिंह, आकाश पांडेय, अपर जिलाधिकारी एके शुक्ल, कृषि निदेशक राम बचन राम व कृषि अधिकारी मंजीत कुमार समेत तमाम अफसर व किसान मौजूद रहे।