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ईओ मणि मंजरी राय आत्महत्या केस: अब हाई कोर्ट में आठ अक्टूबर को होगी सुनवाई

Mon, 28 Sep 2020 09:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 09:42 PM IST
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When will the attachment of the three accused including the chairman take action
मनियर। ईओ मणि मंजरी राय केस मामले में हाईकोर्ट ने 28 सितंबर को सुनवाई करते हुए मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश कुमार व सिकंदरपुर के ईओ संजय राव की अग्रिम जमानत के लिए सुनवाई आठ अक्टूबर निर्धारित किया है। जबकि टैक्स लिपिक विनोद सिंह को हाई कोर्ट ने तीन सितंबर की सुनवाई में ही गिरफ्तारी पर रोक लगाने का स्टे दे दिया है। वहीं, आरोपी चालक चंदन कुमार को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब देखना यह है कि कोर्ट चेयरमैन भीम गुप्ता और कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश को टैक्स लिपिक विनोद सिंह की भांति गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश देती है या फिर खारिज करती है।
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ज्ञात हो कि विगत छह जुलाई 2020 को नगर पंचायत मनियर की ईओ रही मणि मंजरी राय ने बलिया कोतवाली स्थित आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने आवास में सुसाइड लिख पंखे के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतका के भाई विजयानंद राय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, ईओ सिकंदरपुर संजय राव, टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश और चालक चंदन कुमार को आरोपी बनाया था। इसमें ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, टैक्स लिपिक विनोद सिंह ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें तीन सितंबर को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए स्टे दे दिया। उधर, चेयरमैन भीम गुप्ता व कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश के मामले में हाईकोर्ट ने आठ अक्टूबर को अग्रिम सुनवाई की तारीख निश्चित किया है। उधर, कोतवाली थाना की पुलिस व एसओजी टीम फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं, ईओ के भाई विजयानंद जनपदीय पुलिस पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए लगातार सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। ईओ के भाई ने कहा कि 82 की कार्रवाई होने के 30 दिन के अंदर कुर्की की कार्रवाई होने का प्राविधान है। इसके अलावा हत्या व आत्महत्या आदि के मामले में विवेचना अधिकतम 90 दिन के अंदर कोर्ट में विवेचक द्वारा प्रस्तुत करने का प्राविधान है लेकिन जनपदीय पुलिस इसमें लापरवाही बरतती जा रही है।
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