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हम नीलाम हुए घर को ठिकाना नहीं बनाते...

Sat, 30 Nov 2019 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2019 11:39 PM IST
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We do not make a house auctioned ...
ददरी मेला के भारतेंदु मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में काव्यपाठ करते कवि सुरेंद्र शर्मा व मंचासीन क? - फोटो : BALLIA
बलिया। नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजित ददरी मेला के भारतेंदु मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कई प्रांतों से आए कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं का काव्यपाठ किया। देररात तक चले इस कवि सम्मेलन में काव्यकारों ने अपनी रचनाओं से खूब गुदगुदाया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोताओं ने भी जमकर तालियां बजाई। पद्मश्री हरियाणा के हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा ने सुनाया कि आज एक बार कहे, आखिरी बार कहे, क्या पता तुम ना रहो, क्या पता हम ना रहे...। लोगों की तालियां थमने का नाम नहीं ले रही थी।
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मध्य प्रदेश के इन्दौर से आयी कवियित्री डॉ. भुवन मोहिनी ने अपनी रचना हम नीलाम हुए घर को ठिकाना नहीं बनाते, हम साफ-साफ कहते है, बहाना नहीं बनाते, जिस घर पर गिरी हो बिजली, हम उस खंडहर को निशाना नहीं बनाते...। एम्स के हड्डी रोग विशेषज्ञ व कवि के डॉ. अरुन पांडेय ने अबकी बारी पक्का है, डल में होगा त्यौहार, काश्मीर भी बोलेगा, छठ मईया का जयकार... से कवि सम्मेलन में आए हुए लोगों में देशभक्ति की लहर फूक दीं। इसी क्रम में सर्वप्रथम डॉ. भुवन मोहिनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कवि सम्मेलन का आगाज किया। इसके बाद रौद्र रस के कवि राम भदवार ने आज का प्यार भी निभाने में आता है कहां, राधिका भी कहां मिलती है, मुन्नी के जमाने में... के साथ आए हुए श्रोताओं के सामने कई देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।
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इसके बाद प्रयागराज से आए हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने जो पढ़े लिखे वो हैं संतरी बने, अपराधी माफिया हैं जो वो मंत्री बने, जिसने विवाह करके अपनी पत्नी छोड़ दी, वो अपने देश में प्रधानमंत्री बने... प्रस्तुत किया। बनारस से आए सुशांत मिश्र, अयोध्या से पधारी कवियत्री मानसी द्विवेदी, राजस्थान से आए हुए लाफ्टर चैलेंज के विजेता रहे हास्य कवि सुरेश अलबेला, पंकज प्रखर ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। संचालन की भूमिका निभा रहे कवि डॉ. अनिल चौबे, डॉ. हरिराम द्विवेदी ने भी श्रोताओं के सम्मुख अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के अंत में पद्म श्री हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा ने अमीरी की अकड़ भी तभी तक रहती है... प्रस्तुत किया।
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कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. हरिराम द्विवेदी व संचालन डॉ. अनिल चौबे ने किया। इसके पूर्व ददरी मेला के भारतेन्दु हरिश्चन्द्र कला मंच पर शुक्रवार की देर शाम को कवि सम्मेलन का मुख्य अतिथि जिलाधिकारी एवं पुलिस अधिक्षक देवेंद्र नाथ दुबे ने फिता काटकर व दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद आए हुए कवियों को अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर मुख्य अतिथियों ने स्वागत किया। नपाध्यक्ष अजय कुमार व अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने जिलाचिकित्सालय में नि:स्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करने के लिए चिकित्सकों को भी मुख्य अतिथि के द्वारा सम्मानित करवाया।

सुरक्षा की दृष्टि से सक्रिय रही पुलिस : बलिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से मेला थाना प्रभारी विवेक पाण्डेय व उनकी पूरी टीम सक्रिय रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में ददन यादव, विक्की खान, अमित दुबे, संजय यादव, सुमित मिश्र उर्फ गोलू, विकास पाण्डेय लाला, सुबाष गुप्ता, कन्हैया जयसवाल आदि की मुख्य भूमिका सराहनीय रहीं।
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