दया छपरा। हर साल बाढ़ व कटान का दंश झेलते आजिज आ चुके नौरंगा भुवाल छपरा के युवा अब खुद गंगा की धारा को मोड़ने के कार्य में जुटे हैं। बाढ़ विभाग और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाए जाने पर यह निर्णय युवाओं ने लिया है। वे एक सप्ताह से लगातार गंगा की धारा को मोड़ने के कार्य में जुटे हैं। अब बुजुर्गों ने भी युवाओं का साथ देना शुरू कर दिया है। अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
नौरंगा निवासी अक्षय चौबे, उधारी ठाकुर, राजू ठाकुर, भीम ठाकुर, संतोष ठाकुर, रामनाथ ठाकुर, लक्ष्मण ठाकुर, अवधेश मिश्र, भोला ठाकुर समेत दर्जनों लोगों ने जनप्रतिनिधियों व बाढ़ विभाग के अधिकारियों गांव के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गंगा नदी के कटान का कोई ठोस उपाय नहीं किया गया तो हमलोगों के गांव का भी अस्तित्व मिट जाएगा। बताया कि 17 सितंबर 2019 को दया छपरा में दुबेछपरा रिंग बंधा के टूटने पर आए सूबे के मुख्यमंत्री ने गंगा नदी को ड्रेजिंग कर कटान के खतरों को दूर करने की बात कही थी। लेकिन इसके सात माह बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। कहा कि पार्कोपाइन विधि से कटान रोकने की कवायद में लूट खसोट के अलावा कुछ नहीं होगा। ग्रामीणों ने बताया कि पीपा पुल से पूरब नदी की धारा दो भागों में विभाजित होकर नौरंगा बंधे पर टकरा रही है। अगर तत्काल नहीं रोका गया तो बाढ़ के पहले ही बरसात में गंगा नदी का कटान नौरंगा में शुरू हो जाएगा और गांव पर खतरा बढ़ जाएगा।

गंगा नदी की धारा को दूसरी ओर मोड़ने के लिए बोरी बालू भरकर लेकर गंगा में जाते नौरंगा गांव के युवा।- फोटो : BALLIA