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Ballia News: सरयू में दो मकान समाए, छह पर खतरा
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर गांव में उपजाऊ भूमि को ठोकर मारती सरयू नदी की लहरें।संवाद
- फोटो : 1
बैरिया। उत्तरी दियरांचल के गोपालनगर टांडी में सरयू नदी की कटान मंगलवार को और भयावह हो गई। कटान की चपेट में आकर मुसाफिर यादव का पूरा मकान नदी में समा गया, जबकि हंसराज यादव के मकान का एक हिस्सा कटकर नदी में चला गया। टांडी में शिवनाथ यादव और विजय सिंह समेत 6 लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं। वहीं, गोपालनगर में हरिशंकर यादव, प्रभुनाथ यादव, लालजी साहनी और बच्चा यादव समेत करीब 12 परिवारों के आशियानों पर खतरा मंडरा रहा है। लगातार खिसकती जमीन और नदी की बढ़ती धार से ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले तीन महीने से क्षेत्रीय लेखपाल को कटान की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। आरोप है कि शिकायत करने पर लेखपाल रिपोर्ट भेजने और नियमानुसार सरकारी सहायता मिलने की बात कहकर जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मांझा से चाई छपरा तक करीब 10 किलोमीटर के क्षेत्र में सरयू नदी कटान कर रही है। इसकी चपेट में उपजाऊ जमीन के साथ वशिष्ठनगर, धूपनाथ का डेरा, गोपालनगर टांडी, गोपालनगर, मानगढ़ और शिवाल मठिया की बस्तियां भी हैं। कटान का दायरा बढ़ने से पूरे दियरांचल में चिंता गहराती जा रही है।
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एसडीएम से मिले कटान पीड़ित, दो दिन में निरीक्षण का आश्वासन
सरयू नदी की कटान से दियरांचल को बचाने की मांग को लेकर दियरांचल बचाव संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदीप यादव के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी बैरिया रमेश चंद्र वर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कटान की गंभीर स्थिति से अवगत कराते हुए प्रभावित गांवों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कटान प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान प्रदीप यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव, सुनील यादव, वीरेंद्र प्रसाद और विजय यादव समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।
सरयू नदी की कटान से परेशान सुरेमनपुर दियरांचल के ग्रामीणों ने मंगलवार को गोपालनगर-वशिष्ठनगर के सिवान स्थित कटान स्थल पर ग्रामीणों ने पूरे दिन हनुमान चालीसा का पाठ कर नदी की कटान रुकने और गांवों की सुरक्षा की प्रार्थना की।
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ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले तीन महीने से क्षेत्रीय लेखपाल को कटान की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। आरोप है कि शिकायत करने पर लेखपाल रिपोर्ट भेजने और नियमानुसार सरकारी सहायता मिलने की बात कहकर जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार, मांझा से चाई छपरा तक करीब 10 किलोमीटर के क्षेत्र में सरयू नदी कटान कर रही है। इसकी चपेट में उपजाऊ जमीन के साथ वशिष्ठनगर, धूपनाथ का डेरा, गोपालनगर टांडी, गोपालनगर, मानगढ़ और शिवाल मठिया की बस्तियां भी हैं। कटान का दायरा बढ़ने से पूरे दियरांचल में चिंता गहराती जा रही है।
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एसडीएम से मिले कटान पीड़ित, दो दिन में निरीक्षण का आश्वासन
सरयू नदी की कटान से दियरांचल को बचाने की मांग को लेकर दियरांचल बचाव संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदीप यादव के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी बैरिया रमेश चंद्र वर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कटान की गंभीर स्थिति से अवगत कराते हुए प्रभावित गांवों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कटान प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान प्रदीप यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव, सुनील यादव, वीरेंद्र प्रसाद और विजय यादव समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।
सरयू नदी की कटान से परेशान सुरेमनपुर दियरांचल के ग्रामीणों ने मंगलवार को गोपालनगर-वशिष्ठनगर के सिवान स्थित कटान स्थल पर ग्रामीणों ने पूरे दिन हनुमान चालीसा का पाठ कर नदी की कटान रुकने और गांवों की सुरक्षा की प्रार्थना की।