आत्मघाती कदमः बलिया में दुपट्टे से हाथ बांध भतीजी के साथ गंगा में कूदी बुआ, भतीजी की मौत
ऊफनती गंगा में डूब रही लड़कियों को बचाने के लिए पुल के ऊपर से लोगों ने रस्सी फेंकी। एक लड़की ने रस्सी पकड़ ली, जिसे बचा लिया गया। दूसरी नहीं पकड़ पाई और डूब गई। मछुआरों ने काफी मशक्कत के बाद उसे भी निकाला।
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बलिया जिले में बिहार और यूपी को जोड़ने वाले वीर कुंवर सिंह सेतु पर सोमवार को एक ही उम्र की दो लड़कियों ने दुपट्टे से एक-दूसरे का हाथ बांध कर पुल से उफनती गंगा में छलांग लगा दी। घटना के बाद भरौली और बक्सर दोनों तरफ लोगों की गंगा पुल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रस्सी फेंक कर किसी तरह दोनों लड़कियों को निकाला गया। बक्सर पुलिस ने दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने एक को मृत घोषित कर दिया। दूसरी लड़की का इलाज चल रहा है। बाद में पता चला कि दोनों आपस में बुआ-भतीजी हैं।
भरौली और बक्सर के बीच स्थित वीर कुंवर सिंह सेतु पर सोमवार सुबह 11.30 बजे एक ही उम्र की दो लड़कियां पहुंचीं। दोनों पुल के बीच में पहुंची और दुपट्टे से अपने हाथ बांध लिए। इसके बाद दोनों ने पुल से सीधे गंगा में छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोगों ने दोनों को ऐसा करते देख शोर मचाना शुरू कर दिया। पुल पर भीड़ जमा हो गई।
ऊफनती गंगा में डूब रही लड़कियों को बचाने के लिए पुल के ऊपर से लोगों ने रस्सी फेंकी। एक लड़की ने रस्सी पकड़ ली, जिसे बचा लिया गया। दूसरी नहीं पकड़ पाई और डूब गई। मछुआरों ने काफी मशक्कत के बाद उसे भी निकाला। दोनों को तत्काल बक्सर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां एक की मौत हो गई। बचाई गई लड़की ने अपना नाम प्रीति कुमारी बताया।
काश! मैं भी मर गई होती
प्रीति इटाढ़ी थाने के सांथ गांव निवासी भागीरथी सिंह की बेटी है। यह भी बताया कि उसके साथ गंगा में छलांग लगाने वाली लड़की कोई और नहीं, बल्कि उसके चचेरे भाई पिंटू कुमार की बेटी संजना कुमारी थी। काफी कुरेदने के बाद भी प्रीति ने यह नहीं बताया कि उन दोनों ने ऐसा आत्मघाती क्यों उठाया? जब उसे यह पता चला कि संजना की मौत हो चुकी है, तो उसने भी खुद के जिंदा रहने पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि काश! मैं भी मर गई होती।