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वेतन के लिए बुलंद की आवाज
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 08 Jan 2015 10:32 PM IST
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सात माह से लंबित वेतन के लिए डीआरडीए कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं। विकास भवन के प्रांगण में उत्तर प्रदेश डीआरडीए इंपलाईज यूनियन शाखा जिला इकाई की ओर से डीआरडीए के कर्मचारियों ने गुरुवार से लंबित वेतन की मांग को लेकर धरना शुरू किया।
इस दौरान कर्मचारियाें ने एक स्वर से शासन के विरुद्ध नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि डीआरडीए के अधिकारी और कर्मचारियाें का वेतन जून, 2014 से लंबित है।
इस कारण कर्मचारियों के बच्चाें की शिक्षा और चिकित्सा के साथ ही परिवार का भोजन चलाना भी मुश्किल हो गया है। बताया कि डीआरडीए में परियोजना निदेशक को लेकर कुल 29 कर्मचारी हैं, जिनका वेतन प्रत्येक माह की दर से लगभग 11 लाख रुपये बनता है।
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इस प्रकार कुल सात माह का लंबित वेतन 77 लाख रुपया हुआ। उन्होंने मांग की कि डीआरडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों का लंबित वेतन तत्काल भुगतान किया। ताकि बच्चों की फीस सहित परिवार का भरणपोषण किया जा सके। कहा कि वेतन नहीं तो काम नहीं।
इसके अलावा परियोजना अर्थशास्त्री डा. रणधीर कुमार सिंह, राजकुमार गुप्ता, कमलेश कुमार, हरेराम, अनिल कुमार, योगेंद्र सिंह, रवीश कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र नाथ तिवारी ने संबोधित किया।
मंत्री श्याम बिहारी यादव ने उपस्थित लोगों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। मौके पर पहुंचे कर्मचारी नेता बलवंत कुमार सिंह ने धरने का समर्थन करते हुए आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
इस मौके पर राजकीय वाहन चालक संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, अजीत कुमार वर्मा, राजेश पांडेय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सीताराम सिंह और संचालन अविनाश उपाध्याय ने किया।
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इस दौरान कर्मचारियाें ने एक स्वर से शासन के विरुद्ध नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि डीआरडीए के अधिकारी और कर्मचारियाें का वेतन जून, 2014 से लंबित है।
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इस कारण कर्मचारियों के बच्चाें की शिक्षा और चिकित्सा के साथ ही परिवार का भोजन चलाना भी मुश्किल हो गया है। बताया कि डीआरडीए में परियोजना निदेशक को लेकर कुल 29 कर्मचारी हैं, जिनका वेतन प्रत्येक माह की दर से लगभग 11 लाख रुपये बनता है।
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इस प्रकार कुल सात माह का लंबित वेतन 77 लाख रुपया हुआ। उन्होंने मांग की कि डीआरडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों का लंबित वेतन तत्काल भुगतान किया। ताकि बच्चों की फीस सहित परिवार का भरणपोषण किया जा सके। कहा कि वेतन नहीं तो काम नहीं।
इसके अलावा परियोजना अर्थशास्त्री डा. रणधीर कुमार सिंह, राजकुमार गुप्ता, कमलेश कुमार, हरेराम, अनिल कुमार, योगेंद्र सिंह, रवीश कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र नाथ तिवारी ने संबोधित किया।
मंत्री श्याम बिहारी यादव ने उपस्थित लोगों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। मौके पर पहुंचे कर्मचारी नेता बलवंत कुमार सिंह ने धरने का समर्थन करते हुए आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
इस मौके पर राजकीय वाहन चालक संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, अजीत कुमार वर्मा, राजेश पांडेय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सीताराम सिंह और संचालन अविनाश उपाध्याय ने किया।